पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। मैहर जिले में ग्रामीणों ने जो कर दिखाया है, उसकी तारीफ न सिर्फ गांव में बल्कि जिले के दूसरे गांवों में भी हो रही है। लकड़ी से बना ये ईको पुल लोगों के लिए बड़ा सुविधा दायक है। आवागमन में हो रही परेशानियों को देखते हुए ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की थी, लेकिन किसी ने इनकी सुध नहीं ली तो आखिरकार निराश ग्रामीणों को समस्या का समाधान खुद ही निकालना पड़ा।
पुल बन जाने से इन गांवों के डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिली है। इसके साथ ही इस गांव के लोगों ने जिला प्रशासन के सामने यह उदाहरण पेश किया किया अगर इच्छा शक्ति मजबूत हो तो कोई भी काम किया जा सकता है। मामला मैहर जिले के रामनगर के करौंदिया गांव का है। कहने के लिए यह गांव नगर परिषद न्यू रामनगर का हिस्सा है, लेकिन एक दशक से नगर परिषद यहां रहने वाले लोगों के लिए एक पुल तक मंजूर नहीं कर सका है।
करौंदिया गांव के निवासी नत्थू लाल पटेल ने बताया कि करीब डेढ़ सौ जनसंख्या का परिवार इस गांव में रहता है। जिनके स्कूल, कॉलेज, खेती और रोजगार के सभी साधन-सुविधाएं पूरी तरह से बाहरी क्षेत्र पर निर्भर हैं। पर बरसात के दिनों में सड़क की हालात खस्ता हो जाती है। नदी के उफान के कारण बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। पानी कई फुट ऊपर चलता है। किसान खेतों तक नहीं जा पाते। मरीज रास्ते के अभाव में घरों में कैद रहते हैं। कुल मिलाकर पुल नहीं होने से सभी का जीवन बेहद दिक्कतों में था
करौंदी गांव में रहने वाले भूरेलाल पटेल ने बताया कि गांव के सभी लोगों ने मिलकर पहले से बांस की लकडिय़ां जुटाई। इसके बाद उसे खड़ा करने में लगभग 11 दिन लग गए। जिसमें करीब 11 हजार खर्च हुए हैं। यह पुल वैकल्पिक रुप से बना है। नीचे से नदी बह रही है। ऐसे में बेस सही तरीके से नहीं बना है। एक बार में दो से तीन लोगों के गुजरने पर टूटने का खतरा रहता है। ऐसे में बारी-बारी से लोग पुल पार कर रहे हैं। बच्चों को भी क्रमवार पुल पार कराया जाता है।
ग्रामीणों ने जुगाड़ से पुल तो बना लिया है लेकिन यह खतरे से खाली नहीं है। उमाकांत पटेल ने बताया कि, ग्रामीणों को इस पुल की बहुत जरूरत थी। कई बार शिकायत करने के बाद जब पुल नहीं बना तो सभी गांव वालों ने इकट्ठा होकर बांस और बल्ली का पुल बना दिया। अब लोग इसी रास्ते से होकर निकलते हैं। रामनगर एसडीम आरती सिंह से इस मामले को लेकर जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, करौंदिया गांव की समस्या को लेकर हमारी बात रामनगर सीएमओ से हुई है। उनके जानकारी दी गई कि बजट को लेकर समस्या बनी हुई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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