नवजात शिशु के लिए मां का दूध अमृत समान होता है। यह न केवल बच्चे का पेट भरता है, बल्कि उसकी सेहत को भी मजबूत बनाता है। मां का दूध शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और उसे बीमारियों से बचाने का काम करता है। लेकिन अक्सर बुखार के दौरान मां के स्तनपान कराने को लेकर संदेह बना रहता है। कई लोग मानते हैं कि इससे बच्चे को भी संक्रमण हो सकता है, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है? आइए जानते हैं।
क्या बुखार में मां बच्चे को दूध पिला सकती है?
रिपोर्ट के अनुसार, यदि मां को बुखार है तो भी वह बच्चे को स्तनपान करा सकती है। मां के दूध में मौजूद एंटीबॉडी बच्चे को संक्रमण और बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। यह दूध विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। यदि मां बहुत अधिक बीमार महसूस कर रही है और सीधे स्तनपान कराने में असमर्थ है, तो वह दूध पंप करके बच्चे को पिला सकती है।
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बरतें ये सावधानियां
स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें – बच्चे को दूध पिलाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें।
स्तनों की सफाई करें – ब्रेस्टफीडिंग से पहले स्तन को साफ तौलिए या टिशू से पोंछ लें।
मास्क पहनें – संक्रमण से बचाव के लिए ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मास्क जरूर पहनें।
दूध पंप करें – यदि मां दूध निकालकर पिला रही हैं, तो पंप की सफाई अच्छे से करें।
हाइड्रेशन का ध्यान रखें – बुखार के दौरान मां को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
यदि मां को बुखार है तो भी वह सुरक्षित रूप से बच्चे को स्तनपान करा सकती है, क्योंकि मां का दूध शिशु को जरूरी पोषण और संक्रमण से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। हालांकि, साफ-सफाई और सावधानियों का पालन करना जरूरी है, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो।