पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। काेलकाता में एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या का विरोध पुरे देश में चल रहा है । मध्य प्रदेश के जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज के साढ़े तीन सौ जूनियर डाक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ा गई।
संस्कारधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज में भी जूडा काेलकाता में महिला चिकित्सक से बलात्कार के बाद हत्या का विरोध जारी है। आसपास के जिलों से आए कई मरीजों को बिना जांच के लौटा दिया जा रहा है। 25 से ज्यादा सर्जरी को टाल दिया गया है। डाक्टराें के हड़ताल पर जाने से मरीजों की चिकित्सा भी प्रभावित हो रही है। कई नए मरीज वार्ड में भर्ती नहीं हो सकें। हालांकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं हड़ताल से प्रभावित हैं। जूनियर डॉक्टरएसोसिएशन के अध्यक्ष डा. चंद्र बाबू रजक बोले-न्याय नहीं होता है जूडा ना ही अस्पताल के वार्ड में जाएंगे, ना वार्ड में जाएंगे न आपरेशन करेंगे। आकस्मिक सेवा जारी रखेंगे। इधर, विक्टोरिया जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में शुक्रवार को दोपहर एक घंटे तक ओपीडी बंद रखी गई। मरीजों को उपचार में समस्या हुई।

जूडा ने मेडिकल कालेज तिराहा में शुक्रवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। डाक्टरों ने कोलकाता मामले में दोषियों को दंड और समस्त संस्थानों में सेंट्रल प्रोटक्शन एक्ट फार वूमन लागू करने की मांग की। प्रदर्शन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-आइएमए, नर्सिंग होम एसोसएिशन, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन, नर्सेस एसोसएिशन भी शामिल है।