पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। खुद अपनी आंखों से नहीं देख सकते लेकिन तालीम की रोशनी से उजाला फैला रहे हैं। शिक्षक दिवस पर हम आज आपको एक ऐसे शिक्षक से मिलवाने जा रहे हैं जिनके पास आंखों की रोशनी नहीं है। लेकिन वह बच्चों को शिक्षा देकर उनका भविष्य बना रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के सीएम राइज स्कूल में पढ़ाने वाले बच्चू नामदेव की आंखें बचपन में ही चली गई थी। इसके बाद उन्होंने शिक्षक बनने की ठानी और आखिरकार शिक्षक बनकर लोगों को दिखा दिया। इसके बाद उन्होंने इतने छात्र-छात्राओं को शिक्षा दी कि वे सभी आज बड़े-बड़े पदों पर रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। बच्चू नामदेव का कहना है कि आज के दौर में शिक्षक और छात्र दोनों ही अपने उद्देश्य से भटक गए हैं। इसलिए सबसे पहले उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए तभी वे अपनी मंजिल पा सकते हैं।
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