पलपल इंडिया प्रतिनिधि,देवास। पर्यावरण बचाने के लिए अब लोग भी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। देवास में गणेश उत्सव की तैयारी जोरो पर है। बात करें एमजी रोड देवास की तो यहां श्री गणेश मूर्तियों का अंबार लग चुका है। मिट्टी के गणेश हर घर 7 सितंबर को विराजेंगे। यहां पर पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि, मिट्टी की मूर्तियां बाजार में उपलब्ध है। बता दे कि श्री गणेश के एक विरले भक्त मिट्टी से बन रही गणेश मूर्तियों को दुकान से सात समुंदर पार लेकर जा रहे है। गणेश भक्त राजेश पटेल अपने बेटे बेटियों की इच्छा पर यहां से श्री गणेश की मूर्ति अमेरिका ले जा रहे हैं।
पटेल पहली बार अमेरिका में गणेश उत्सव मनाएंगे। यह मूर्तियां कोलकाता, अमेरिका और दुबई में जाएंगी। गणेश भक्त द्वारा बताया गया की वहां पीओपी की मूर्तियां मिलती है। इसलिए देवास निवासी बुजुर्ग दंपती अपने साथ मिट्टी की गणेश की प्रतिमा साथ लेकर जाएंगे। इसी प्रकार देवास से कोलकाता व दुबई में भी श्रीगणेश शिफ्ट हो चुके है। जिन्होंने कोरियर डाक से मिट्टी की प्रतिमा बुक कराई थी। उनकी मूर्तियां गंतव्य तक पहुंच चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को बचाने के साथ ही सनातन संस्कृति से जुड़े रहना है। देवास में हर साल 50 हजार से अधिक बनती हैं मिट्टी की प्रतिमाएं देवास में उज्जैन रोड पर इटावा के आगे, उज्जैन रोड बायपास, कालानी बाग, कुम्हार गली, इंदौर रोड, मक्सी बायपास के अलावा कई सामाजिक और शिक्षण संस्थाओं में भी मिट्टी के गणपति बनाए जाते हैं। प्रतिवर्ष करीब 50 हजार से अधिक प्रतिमाएं मिट्टी से तैयार की जाती हैं।
राजेश पटेल ने बताया कि, उनका बेटा और बहू अमेरिका में जॉब करते हैं। पटेल उनकी पत्नी पहली बार गणेश उत्सव के दौरान देवास से बाहर जा रहे हैं। इसलिए देवास से ही मिट्टी के गणपति की प्रतिमा साथ लेकर जाएंगे। पटेल का कहना है कि मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को बचाना है। साथ ही अमेरिका में मूर्तियां तो मिलती हैं, लेकिन वे पीओपी की होती हैं। हम सनातन संस्कृति से जुड़े रहना चाहते हैं।
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