Jabalpur News Pal pal India : नई शिक्षा नीति (पीजी) में प्रवेश के नियम बदले
नई शिक्षा नीति के अनुसार विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को गाइडलाइन जारी। साइंस से यूजी किया तो पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स आर्ट से नहीं कर पाएंगे। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को गाइडलाइन जारी
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को गाइडलाइन जारी कर कहा है कि जो छात्र यूजी तीसरे वर्ष के बाद दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं उन्हें मेजर सब्जेक्ट में निर्धारित क्रेडिट अर्जित करना होगा। उच्च शिक्षा विभाग के प्रो.धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि माइनर सब्जेक्ट लेकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी उससे पीजी करना चाहे तो उन्हें तीन वर्ष में 24 अंक का क्रेडिट अंक अर्जित करना होगा। वहीं 29 मई को पीजी में प्रवेश के लिए सीट आवंटन किया जाएगा। इससे पहले विभाग द्वारा जारी इस गाइडलाइन को लेकर प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
यदि बीए में विद्यार्थी का विषय समाजशास्त्र था तो पीजी में उसे हिंदी या हिस्ट्री करने का मौका नहीं मिलेगा। विद्यार्थी को एमए समाजशास्त्र से ही करना होगा। इसके अलावा साइंस से स्नातक लेकर यदि विद्यार्थी पीजी में अन्य विषय में पढ़ना चाहता है तो वह इस बार ऐसा नहीं कर पाएंगा।
HIGHLIGHTS
• यूजी के मेजर सब्जेक्ट में ही करना होगा पीजी।
• माइनर सब्जेक्ट से पीजी के करने में 24 अंक का क्रेडिट होना जरूरी।
• साइंस के सब्जेक्ट के विद्यार्थी को आर्ट के सब्जेक्ट से पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री की पात्रता नहीं होगी
”स्नातक तीन वर्ष के पाठ्यक्रम में जो मेजर विषय है उसके आधार पर ही पीजी में प्रवेश मिलेगा। शासन स्तर पर इस संबंध में गाइडलाइन जारी हो गई है जिसका पालन किया जाएगा। विद्यार्थियों को भी इस संबंध में जानकारी दी जा रही है। ”
डा.एसी तिवारी, प्राचार्य अग्रणी शासकीय महाकोशल कला एवं वाणिज्य कालेज