पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। जबलपुर नगर निगम में बजट की बैठक के दूसरे दिन भी कल हंगामे के मुद्दे पर शुरुआत में चर्चा हुई। महापौर ने जब कांग्रेस पार्षद दल द्वारा किए गए हंगामे की बात छेड़ी तो विपक्ष ने भी उसका जवाब दिया और कहा कि लोग जल संकट से जूझ रहे हैं और बारिश में जल प्लावन हो रहा है जैसे तैसे यह बात खत्म हुई इसके बाद बजट पर बहस शुरू हुई फिर कांग्रेस पार्षदों ने तिलवारा में लगाए गए। प्रदेश के सबसे उंचे तिरंगे झंडे का मामला उठाया कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि एक ही आंधी में तिरंगा झंडा फट गया है, जिससे झंडे का अपमान हो रहा है। जब महापौर को मालूम था कि झंडा एक ही आंधी में फट जाएगा तो फिर उन्होंने ऐसा काम ही क्यों किया।
इसके बाद बजट में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और जल प्लावन के लिए किए गए प्रावधान को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने सुझाव दिए इसके बाद 12 लाख पौधे लगाने पर चर्चा हुई। जिस पर कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि हर वार्ड में पौधा रोपण किया जाए क्योंकि सत्ता पक्ष 10 12 हजार पौधे लगाकर दावा करता है कि लाखों पौधे लगा चुके हैं। जबकि ऐसा होता नहीं है नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा का कहना है कि बजट में उनके द्वारा सुझाव दिए जा रहे हैं। शहर विकास के हित में जो भी होगा वह किया जाएगा और जो भी गलतियां सत्ता पक्ष करेगा तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
इधर महापौर जगत बहादुर सिंह अनु ने कहा कि बजट पर चर्चा तो हुई है लेकिन कुछ कांग्रेसी पार्षद यह सोचकर ही आए हैं कि बजट की बैठक को शांति से चलने ही नहीं देना है, इसलिए वे कभी तिरंगे झंडे का विरोध करते हैं तो कभी भारत माता के मंदिर बनने पर ऐतराज जताते हैं। यदि शहर विकास करना है तो राजनीति से ऊपर उठकर सबको एक होना होगा तभी यह शहर महानगर बन सकता है।