पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई इस बैठक में निजी स्कूल संचालकों ने कलेक्टर से फीस वृद्धि का आंकलन करने, फीस वापस करने और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर (आइएसबीएन) के नियम से जुड़ी जिज्ञासाओं को दूर किया। जबलपुर के अलावा, पनागर, बरेला, पाटन, रांझी समेत कई उपनगर के स्कूल संचालक शामिल हुए।
सभी स्कूल संचालकों ने प्रशासन की निजी स्कूलों के लिए जारी गाइडलाइन के पालन के लिए एक प्रशिक्षण बैठक करने पर जोर दिया। कई तरह की समस्याओं को लेकर स्कूल संचालकों ने कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें छोटे-बड़े स्कूल संचालक और प्रबंधन से जुड़े लोग मौजूद रहे
बैठक में अधिकांश स्कूल संचालकों के चेहरे पर बैठक के दौरान साफ डर नजर आ रहा था। 11 निजी स्कूल के प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी भी यहां मौजूद रहे, लेकिन वे प्रशासन से चेहरा छिपाते हुए यहां-वहां घूम रहे थे।कई स्कूल प्रबंधकों ने प्रशासन की कार्रवाई को तो सही ठहराया, अभिभावकों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए। कईयों ने खुद को पाक-साफ बताने का भी मौका नहीं गंवाया और उन्होंने अपने अच्छे काम गिनाए।
स्कूल संचालकों ने बारी-बारी से अपनी समस्याओं को कलेक्टर के समझ रखा। इस बीच एक स्कूल संचालक ने अभिभावक द्वारा टीसी न देने की शिकायत पर अपना पक्ष रखा। संचालक ने कहा कि अभिभावक उनसे टीसी के नाम पर पुरानी फीस तक मांग रहे हैं।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें निजी स्कूल अभिभावक की आर्थिक स्थिति को देखे बिना टीसी शुल्क वसूलने पर अडे़ रहते हैं। ऐसे ही एक मामले पर एक निजी स्कूल, अभिभावक से टीसी शुल्क लेने में अड़ा रहा। अभिभावक की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन को रेड क्रास सोसायटी की मदद से टीसी शुल्क स्कूल को देना पड़ी। यह बात सुनकर कई स्कूल संचालक मौन हो गए। इधर कलेक्टर ने कहा कि स्कूल संचालक को जो भी समस्याएं आ रही हैं, उसके लिए एक निर्धारित गाइडलाइन बनाकर उसका प्रशिक्षण कराएंगे।
“कलेक्टर दीपक सक्सेना