नेपाल में फंसे लोगों ने सरकार से मांगी मदद, जबलपुर कलेक्टर ने कहा- हम कोशिश कर रहे है

By: PalPal India News
October 1, 2024

पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। पशुपतिनाथ दर्शन के लिए गए कई श्रद्धालु नेपाल में हो रही तेज बारिश के कारण फंसे हुए हैं। इनमें डिंडौरी सहित रीवा और जबलपुर के लोग भी शामिल हैं। जबलपुर वेटरनरी कॉलेज में पदस्थ सहायक प्राध्यापक डॉक्टर राकेश बरहैया भी अपने परिवार के साथ काठमांडू गए हैं। वे भी तेज बारिश में फंस गए है। उन्होंने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि जबलपुर के 6 लोगों सहित कुल 21 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। सभी सुरक्षित हैं। जबलपुर जिला प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर- 07612623925 जारी किया है। इसके अलावा नोडल अधिकारी संयुक्त कलेक्टर अनुराग सिंह के मोबाइल नंबर 9713813496 पर भी प्रभावित परिवार सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।

जबलपुर, रीवा और डिंडौरी के लोग नेपाल में फंसे हुए हैं। जबलपुर कलेक्टर के मुताबिक, डिंडौरी जिले से सूचना मिली थी कि रीवा और जबलपुर के कुछ लोग नेपाल में फंसे हुए हैं। जबलपुर के डॉक्टर राकेश बरहैया, सोनिया बरहैया, लवकेश बरहैया, वानी बरहैया, किरण बरहैया, और गोपेंद्र बरहैया तेज बारिश के कारण उफान में आई नदी में फंस गए हैं। नेपाल में फंसे एमपी के परिवारों ने अपना एक वीडियो जारी करते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से गुजारिश की है कि हम लोगों को यहां से सुरक्षित निकाला जाए। नेपाल में फंसे एक व्यक्ति ने बताया कि रीवा से चार, छह जबलपुर से और डिंडौरी से सात लोग फंसे हुए हैं। वीडियो में उन्होंने बताया कि बहुत बुरी तरह से फंसे हुए हैं, यहां पर न ही खाने-पीने की व्यवस्था है और न ही रहने की। बाढ़ में पूरा सामान बह गया है। नेपाल से भारत का बॉर्डर पार करने में 18 से 24 घंटे लग रहे हैं।

मध्य प्रदेश के लोग जब काठमांडू से लौट रहे थे, उस दौरान काबरे जिले में तेज बारिश से पुल और सड़क बह गया। इसके चलते रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि हम कोशिश कर रहे हैं कि जबलपुर सहित आसपास के जिलों में रहने वाले जो लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं, उन्हें किसी तरह से निकाला जाए।

HIGHLIGHTS

  • नेपाल में फंसे लोगों ने सरकार से मांगी मदद।
  • बोले- भूखे-प्यासे हैं, सुरक्षित निकाला जाए।
  • कलेक्टर ने कहा- हम कोशिश कर रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *