पलपल इंडिया प्रतिनिधि,देवास। मोहन सरकार में स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े वादे तो किया जा रहे हैं लेकिन सिर्फ 5 रुपए नहीं होने पर गरीब मां की मासूम बच्ची का इलाज नहीं किया गया बल्कि मजाक उड़ाया गया। दरअसल यह पूरा मामला देवास जिले के नेमावर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां मां बेटी अपना इलाज करने के लिए ₹20 लेकर घर से सरकारी अस्पताल पहुंची थी। जहां मां बेटी दोनों ने पर्ची बनवा ली, जब पैसे देने का नंबर आया तो उनके पास मात्र ₹15 ही निकले, इसी बात को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने गरीबों का मजाक उड़ाते हुए मां बेटी को खरी खोटी बातें सुना कर उनको अपमानित किया।
जिसके चलते दोनों मां बेटी बगैर इलाज सरकारी अस्पताल से घर लौट गई। इस संबंध में जब डॉ राहुल उइके से बात की तो उनका कहना था कि पर्ची वाला मामला उनके संज्ञान में भी आया है। दिखाता हूं, जब सरकार ने गरीब और आदिवासी वर्ग के लोगों के निशुल्क इलाज के लिए अलग से पर्ची की व्यवस्था की है तो फिर उक्त गरीब महिला को पैसे देकर पर्ची क्यों बनवानी पड़ी यह गंभीर जांच का विषय है।
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