पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। आजकल कई तरह की बीमारियाँ लोगों में बढ़ रही है ऐसे में आपने कई बीमारियों के नाम सुने होंगे लेकिन क्या आपने सीलिएक बीमारी का नाम सुना है. यह बीमारी पेट की यह बीमारी से सम्बंधित होती है. अधिकांश बार डॉक्टर को भी पता नहीं चलता कि किसी को सिलिएक बीमारी है. जो संकेत सिलिएक बीमारी में होते हैं, वह अधिकांश लोगों में होते हैं. जैसे कि अपच, गैस, पेट का फूलना, कब्ज, डायरिया आदि. इस बीमारी के बारे में इसलिए नहीं चलती क्योंकि लक्षण कुछ दिन रहने के बाद गायब हो जाता है और दोबारा से हो जाता है. सीलिएक बीमारी के लिए मुख्य रूप से जीन को दोषी माना गया है. हालांकि यह बीमारी बेहद खतरनाक है क्योंकि एक बार जब हो जाए तो यह मुश्किल से ही शरीर से जाता है और आंत की लाइनिंग में सूजन हो जाती है.
क्या सीलिएक बीमारी
सिलिएक बीमारी आमतौर पर उस व्यक्ति में होती है जिनमें जीन की गड़बड़ी होती है. इस बीमारी के लिए DQ2 और DQ8 जीन को मुख्य विलेन माना जाता है. ये खास तरह की जीन हर इंसान में नहीं होते. लेकिन जिस इंसान में होते हैं, उन्हें यह बीमारी होती है. लेकिन सिर्फ जीन ही इस बीमारी के कारक नहीं होते बल्कि ग्लूटेन इंटॉलरेंस के कारण भी यह बीमारी होती है. लोगों में ग्लूटेन इंटॉलरेंस होता है जिसकी वजह से अगर ये लोग ग्लूटेन वाली कोई चीज खाएं तो उसे यह बीमारी हो जाती है. हालांकि ग्लूटेन वाली दिक्कत भी उन लोगों में होता है जिनकी जीन में खराबी होती है.
इस बीमारी में क्या समस्या होती है
इस बीमारी में मुख्य रूप से आंतों की दीवारों में खरोंच लगने लगती है. इससे आंत की लाइनिंग खराब होती है. जिससे आंत में सुजन आने लग जाती है. आंत की लाइनिंग सुरक्षा कवच है जो आंतों को बाहरी हमले से बचाता भी है और पाचन में भी मदद करता है. लाइनिंग के खराब होने से पोषक तत्वों का अवशोषण सही से नहीं होगा. इससे तरह -तरह की परेशानियां होंगी.
सीलिएक बीमारी के क्या है लक्षण
सीलिएक बीमारी में शुरुआत में मामूली लक्षण दिखते हैं. जैसे अक्सर पेट फूला हुआ रहता है, डायरिया भी लग जाता है. ,हमेशा पेट में गैस बनती रहती है और कब्ज भी रहता है. ऐसे व्यक्तियों में लेक्टोज इंटॉलरेंस होता है जिसके कारण दूध या दूध से बनी कोई भी चीज खाने पर पेट का बुरा हाल हो जाता है. इस कारण गैस और ब्लोटिंग की समस्या बहुत बढ़ जाएगी. पेट में दर्द करने लगेगा. चूंकि पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो जाता है इसलिए वजन भी तेजी से घटने लगता है.