पलपल इंडिया प्रतिनिधि। कल देश का २०२४ बजट जारी हुआ जिसमे कई तरह के नए प्रावधानों को शामिल किया गया है जिनमे देश के आम बजट 2024 में कुछ खास सेक्टर्स के लिए वित्त मंत्री ने खास प्रावधान की घोषणा की है जिससे आने वाले समय में इन क्षेत्रों को आगे बढ़ने में भरपूर मदद मिलेगी। टेक्सटाइल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर, डिफेंस, टेलीकॉम सेक्टर के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़े फंड आवंटित किए हैं। इससे इन्हें बूस्ट मिलेगा। बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा सरकार ने मजबूत राजकोषीय समर्थन का वादा किया है क्योंकि इसने 11.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना को बरकरार रखा है, जो कि सकल घरेलू उत्पाद का 3.4% है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में वित्त वर्ष 2024-25 में डिफेंस सेक्टर के लिए ₹6.22 लाख करोड़ आवंटित किए। यह कुल बजट का लगभग 12.90% रक्षा क्षेत्र के लिए निर्धारित फंड, अगर हम पिछले वर्ष की तुलना करें तो ये मामूली रूप से अधिक है। वहीँ हम आपको बता दे की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा कि ₹1,72,000 करोड़ का पूंजी परिव्यय सशस्त्र बलों की क्षमताओं को और मजबूत करेगा। घरेलू पूंजीगत खरीद के लिए ₹1,05,518.43 करोड़ का आवंटन आत्मनिर्भरता को और गति प्रदान करेगा। सीमा सड़क संगठन को पिछले बजट की तुलना में आवंटन में 30% की वृद्धि मिली है। उन्होंने कहा कि बीआरओ को ₹6,500 करोड़ का यह आवंटन सीमा बुनियादी ढांचे को और तेज करेगा। रक्षा क्षेत्र के लिए ₹6.22 लाख करोड़ का आवंटन पिछले वर्ष के बजट अनुमान (बीई) की तुलना में 4.79% अधिक है।
सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग केंद्रीय बजट 2024-25 में देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए 90,958.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को 87,656.90 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग को 3,301.73 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। केंद्र की प्रमुख योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को 6800 करोड़ रुपये के पिछले आवंटन की तुलना में 7,300 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। हालांकि, राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन, जिसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के नाम से जाना जाता है, के लिए बजट आवंटन में कोई वृद्धि नहीं की गई है, क्योंकि बजट आवंटन 200 करोड़ रुपये पर ही बना हुआ है। सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के लिए बजट आवंटन ₹2295.12 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,732.13 करोड़ कर दिया गया है।
आम बजट 2024 में 23 जुलाई को वित्त मंत्री की तरफ से टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया गया। केंद्रीय बजट 2024-25 में कपड़ा क्षेत्र के लिए बजट अलॉटमेंट ₹974 करोड़ बढ़ाकर ₹4,417.09 करोड़ कर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में इस क्षेत्र में अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए आवंटन ₹380 करोड़ से बढ़ाकर ₹686 करोड़ कर दिया गया। राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन के लिए आवंटन 2023-24 में ₹175 करोड़ से 120.59% बढ़कर ₹375 करोड़ हो गया। तकनीकी वस्त्र विशेष कपड़ा उत्पाद हैं जिन्हें मुख्य रूप से उनके प्रदर्शन और कार्यक्षमता के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों जैसे निर्माण, कृषि, एयरोस्पेस, ऑटोमोटिव, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षात्मक गियर और घरेलू देखभाल में किया जाता है।
सरकार ने दूरसंचार मंत्रालय के तहत दूरसंचार परियोजनाओं और सार्वजनिक क्षेत्र की फर्मों के लिए 1.28 खरब रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया है, जिसमें से अधिकांश धनराशि राज्य के स्वामित्व वाली बीएसएनएल के लिए निर्धारित की गई है। प्रस्तावित कुल आवंटन में से 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक बीएसएनएल और एमटीएनएल से संबंधित खर्चों के लिए है, जिसमें बीएसएनएल में टेक्नोलॉजी अपग्रेड और बीएसएनएल में पुनर्गठन के लिए 82,916 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। बजट दस्तावेज में कहा गया है, “बजट अनुमान 2024-25 में इस मांग के लिए कुल शुद्ध आवंटन 1,28,915.43 करोड़ रुपये (1,11,915.43 करोड़ रुपये प्लस 17,000 करोड़ रुपये) है। 17,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड के तहत उपलब्ध शेष राशि से पूरा किया जाता है और इसका उपयोग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को मुआवजा, भारतनेट और अनुसंधान एवं विकास जैसी योजनाओं के लिए किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए इंटर्नशिप के लिए अवसर निकालें हैं. बजट 2024 में युवाओं को ऑन-जॉब ट्रेनिंग के अवसर प्रदान करने के लिए एक प्रमुख इंटर्नशिप योजना की घोषणा की. यह कार्यक्रम अगले 5 सालों में 1 करोड़ युवाओं को लक्षित करेगा, जो पूरे भारत में 500 टॉप कंपनियों के साथ सहयोग करेगा. प्रत्येक इंटर्न को 5000 रुपये का मंथली स्टाइपेंड मिलेगा ताकि युवाओं को वास्तविक जीवन के कार्य वातावरण का अनुभव मिल सके. कंपनियां अपने सीएसआर फंड के माध्यम से इंटर्नशिप लागत का 10 प्रतिशत योगदान देंगी, जबकि सरकार बाकी खर्च वहन करेगी. इंटर्नशिप पूरी करने के बाद, युवाओं को खुद से ही रोजगार की तलाश करनी होगी.
बजट 2024 में उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण लेना भी आसान बना दिया है. वित्त मंत्री ने 3 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज सब्सिडी के साथ 10 लाख रुपये तक के उच्च शिक्षा ऋण की योजना की घोषणा की.सरकार हर साल 1 लाख छात्रों को सीधे ई-वाउचर भी प्रदान करेगी, जिसमें ऋण राशि का 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान होगा.