पलपल इंडिया प्रतिनिधि,रोहतास। रोहतास के कैमूर पहाड़ी स्थित मां तुतला भवानी धाम में आयी अचानक बाढ़ के कारण आधा दर्जन से अधिक सैलानी जलकुंड के आस – पास बाढ़ के पानी से घिर गये. मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी सैलानियों को रेस्क्यू कर लिया. यह जानकारी वन परिसर पदाधिकारी अमित कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि शुक्रवार की देर शाम मां तुतला भवानी धाम में गिर रहे वाटरफॉल का लुत्फ उठाने के लिए हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचे हुए थे. उसी क्रम में कुछ सैलानी जलकुंड से बहती नदी की धारा में स्नान कर रहे थे, लेकिन अचानक पहाड़ी पानी गिरने के कारण मां तुतला भवानी धाम के वाटरफॉल में बाढ़ आ गयी.
वाटरफॉल ने लिया रौद्र रूप
वाटरफॉल के बहाव ने देखते ही देखते इतना रौद्र रूप ले लिया कि पूरा नजारा बदल गया. पत्थर पर लुत्फ उठा रहे आधा दर्जन से अधिक सैलानी पानी के तेज बहाव में घिर गये. वन परिसर पदाधिकारी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी सैलानियों का सुरक्षित रेस्क्यू कर वहा से निकाल लिया. वहीँ सैलानियों का कहना था कि अगर वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद नहीं होती, तो आज हम लोग अपना जान गंवा देते .
अप्रिय घटना न हो इसलिए रखी है, कड़ी निगरानी
इस संबंध में वन परिसर पदाधिकारी ने बताया कि मां तुतला भवानी धाम में इस बार वन विभाग की टीम पूरी तरह से तैनात है जिससे सैलानियों की सुरक्षा बनी रहे , ताकि इस बरसात में किसी तरह की कोई जलकुंड के समीप या नदी में अप्रिय घटना ना घटे. आमजन वन विभाग का सहयोग करें.
सैलानियों को किया गया अलर्ट, नहीं करें से चूक….
वन परिसर पदाधिकारी ने कहा कि पहले भी निर्देश दिया गया है कि जल कुंड के गहरे पानी में लोग नहाने के लिए ना जाएं. इसके लिए वहां पर रस्सी से बैरिकेडिंग भी की गई है तथा प्रतिबंधित एरिया का बोर्ड भी लगाया गया है लेकिन सैलानी अभी भी प्रतिदिन वन विभाग के नियमों को न मानते हुए जलकुंड के गहरे पानी में चले जाते हैं और नदी के बीच धार में जाकर स्नान करते हैं. इसमें अचानक आई बाढ़ में सुरक्षाकर्मियों को खतरा मोल लेना पड़ता है तथा ऐसे में फंसे सैलानियों का रेस्क्यू करना पड़ता है. इसमें वन विभाग ने मां तुतला भवानी धाम में पहुंचने वाले सभी सैलानियों से आग्रह किया है कि आप सब हमारे इस मिशन में सहयोग करें ताकि अप्रिय घटना ना हो .