पलपल इंडिया प्रतिनिधि। अगर आप मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, जबलपुर या प्रदेश के किसी भी दूसरे शहर में बस से ट्रैवल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है. मध्य प्रदेश के कई शहरों में सोमवार और मंगलवार यानी 27 और 28 जनवरी को बसें नहीं चलेंगी. बसों के न चलने से प्रदेश के यात्रियों के काफी दिक्कत और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
जितने भी यात्री प्रदेश के भोपाल, जबलपुर या इंदौर शहरों में आना जाना करते हैं वे घर से बसों का शेड्यूल पता करके जरूर निकलें. एमपी के सड़कों पर 2 दिनों तक बसें नहीं चलेंगी. दरअसल टेंपरेरी परमिट पर रोक लगने की वजह से प्राइवेट बस ऑपरेटर्स इसका विरोध कर रहे हैं. विरोध में प्रदेश के सारे बस ऑपरेटर्स बसों की हड़ताल का ऐलान किया है. जिसका असर प्रदेश के बड़े और छोटे जिलों में देखने को मिल सकता है.
बसों की परमिट जारी करने के नाम पर हो रही गड़बड़ी को देखते हुए हाईकोर्ट ने 1 जनवरी से यात्री बसों के टेंपरेरी परमिट पर रोक लगा दी है. जिसके बाद से सिर्फ खास मोके जैसे शादी या घूमने के लिए ही टेंपरेरी परमिट को जारी किया जा रहा था. जिसके विरोध में सारे बस ऑपरेटर्स हड़ताल पर उतर आए हैं. प्रदेश में पिछले 7 सालों से टेंपरेरी परमिट के नाम पर जमकर गड़बड़ी चल रही थी टेंपरेरी परमिट सिर्फ खास मोके जैसे शादी या घूमने के लिए ही जारी करने का आदेश था. लेकिन बस ऑपरेटर्स टेंपरेरी परमिट जारी कराकर बसों से यात्रियों को धो रहे थे.
विभाग भी इस मामले पर बस ऑपरेटर्स की बिना जांच पड़ताल किए ही परमिट जारी कर दे रहे थे जिसका वजह से पूरे सिस्टम में भ्रष्टाचार और धांधली बढ़ गई थी. जिसको देखते हुए, हाई हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने परमिट जारी करने पर नियम लगा दिए हैं. बिना परमिट बस चलाने पर चार गुना पेनाल्टी है और अगर बस का एक्सीडेंट हो जाता है तो बस में सवार यात्रियों को उनके बीमा का लाभ भी नहीं मिलेगा.
हाईकोर्ट की आदेश पर हड़ताल पर उतरे बस ऑपरेटर्स की वजह से प्रदेश में करीबन 4 हजार बसों के पहिए दो दिन 27 और 28 जनवकी तक थमे रहेंगे. बस संचालकों का कहना है कि उन्होनें जनवरी के लिए टैक्स जमा कर दिया है, लेकिन परमिट जारी नहीं किया गया है. परिवहन विभाग का कहना है कि कोर्ट के आदेश के तहत सिर्फ खास मौकों पर ही टेंपरेरी परमिट जारी किया जाएगा.