पलपल इंडिया प्रतिनिधि,उज्जैन। मध्य प्रदेश में महाकाल की नगरी उज्जैन में बड़ा हादसा हो गया लगातार भारी बारिश के कारन महाकाल मंदिर के बाहर की दीवार गिर गई। दीवार के नीचे कई लोग दब गए। वहीँ इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। कुल पांच लोगों को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाला गया। वहीं, दो घायल का जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है। शुक्रवार को तेज बारिश के बीच महाकाल मंदिर के गेट नंबर चार की दीवार गिर गई। मलबे में दबने से कुछ लोग घायल भी हुए हैं। हादसे की सूचना पुलिस बल और रेस्क्यू टीम को मिलते ही मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
रेस्क्यू टीम टीम ने पांच घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इनमें दो बच्चे, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल है। घटना महाकाल की शाम को होने वाली आरती से ठीक पहले की है। यहां भारी बारिश के कारण गेट नंबर चार के पास पुरानी दीवार का कुछ हिस्सा गिर गया। दीवार के नीचे खड़े लोग इसके मलबे के नीचे दब गए, जिनका रेस्क्यू किया गया है।
वहीँ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महाकाल मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए अलग से पुलिस थाना बनाने का फैसला किया है। इसके साथ 400 होमगार्ड तैनात करने का भी फैसला किया है । 2028 में आगामी सिंहस्थ उत्सव के लिए इस वर्ष के बजट में 500 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है। यहां भगवान राम और भगवान कृष्ण द्वारा अपनाए गए मार्गों का पता लगाया जाएगा और उन्हें एक व्यापक धार्मिक विरासत परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, “महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन के लिए अलग से थाना बनाया जाएगा। बेहतर सुरक्षा प्रबंधन के लिए 400 होमगार्ड भी तैनात किए जाएंगे, क्योंकि निजी सुरक्षा एजेंसियों के साथ अनुशासन और अन्य कई तरह की समस्याएं हैं।”