पलपल इंडिया प्रतिनिधि। बेंगलुरु में महिला की हत्या कर उसके शव को 59 टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रखने वाले आरोपी ने भी आत्महत्या कर ली। वहीं आरोपी का सुसाइड नोट पुलिस को मिला है, जिसमें उसने महिला के हत्या करने की वजह बताई है।
बेंगलुरु शहर में हुई एक महिला की हत्या ने पूरे देश को झकझोर के रख दिया। महिला की हत्या कर 59 टुकड़ों में शव को काटकर शव के टुकड़े फ्रिज में रखे गए थे। पुलिस इस मामले में आरोपी की तलाश कर ही रही थी कि आरोपी नेओडिशा में फांसी से लटक कर जान दे दी। आरोपी का सुसाइड नोट भी पुलिस को बरामद हुआ, जिसमें उसने हत्या की वजह के बारे में पूरी जानकारी दी है। आरोपी ने सुसाइड नोट में लिखा महालक्ष्मी उसे टॉर्चर कर रही थी, वो उस पर शादी करने का दवाब डाल रही थी इसीलिए उसने उसे मार डाला।
आपको बता दे आरोपी हत्या कर फरार हो गया था उसके महिला के घर से बदबू आने लगी , जिसके बाद पड़ोसियों ने यहां अकेले रहने वाली महिला महालक्ष्मी की मां और बहन को इसके बारे में सूचना दी। जब दोनों घर के अंदर गए तो देखा कि महालक्ष्मी की बॉडी को कई टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रखा गया था। बुधवार को इस केस का नया मोड़ तब सामने आया जब पुलिस आरोपी के करीब पहुंच गई थी, लेकिन उससे पहले ही आरोपी ने सुसाइड कर लिया। आरोपी का शव ओडिशा के भद्रक जिले में एक पेड़ से लटकता हुआ मिला। बेंगलुरु पुलिस ने बताया की आरोपी मुक्ति रंजन रॉय के शव के साथ एक नोट भी मिला, जिसमें उसने हत्या की बात को स्वीकार। बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक मुक्ति रंजन रॉय 8 साल पहले बेंगलुरु आया था और यहां वह एक मॉल में सेल्स मैनेजर था। कमिश्नर बी. दयानंद ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सुसाइड नोट में लिखी बाकी जानकारी को वेरिफाई किया जा रहा है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश कर रही है।
कमिश्नर बी. दयानंद ने बताया की आरोपी मुक्ति रंजन रॉय ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था, ‘मैं महालक्ष्मी से बहुत प्यार करता था, लेकिन वो मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करती थी। महालक्ष्मी ने अपहरण के केस में मुझे फंसाने की कोशिश भी की थी। मैंने उस पर बहुत पैसे खर्च किए, लेकिन उसने मेरी कद्र नहीं की, इसलिए मैंने उसे मार डाला।’ पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि महालक्ष्मी आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। वहीं मुक्ति रंजन शादी के लिए तैयार नहीं था। हत्या के कुछ दिन पहले महालक्ष्मी और मुक्ति घूमने के लिए केरल गए थे, वहां उन दोनों के बीच झगड़ा हो गया था। जिसके बाद महालक्ष्मी ने मुक्ति रंजन को थप्पड़ मार दिया था। मुक्ति रंजन इस बात से यह। 3 सितम्बर को मुक्ति रंजन, महालक्ष्मी के घर उससे मिलने गया था। वहां दोनों के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आरोपी ने महालक्ष्मी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पैनिक में आकर उसने महालक्ष्मी के शव के कई टुकड़े कर दिए और उसे फ्रिज में रखकर वहां से भाग गया।