पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। बहराइच जिले के महाराजगंज बाजार में रविवार को दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव और गोलीबारी की घटना में 22 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई।और सात लोग घायल हो गए। जिसके बाद पूरे देश में तनाव का माहौल है। राम गांव थाना क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव की दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में पथराव और आगजनी हुई थी। इसके बाद योगी सरकार एक्शन में आई और लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही बहराइच की सीमाएं बंद कर दी गई हैं। बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है जिससे यहां आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा सके और किसी अराजक तत्व को में प्रवेश न मिले।
बहराइच हिंसा में युवक की मौत के बाद जमकर पत्थरबाजी हुई थी। अब बड़ी संख्या में लोग धरना प्रदर्शन के लिए निकल चुके हैं। उत्तर प्रदेश के बहराइच में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान युवक की मौत पर बवाल बढ़ता जा रहा है। लगभग पांच हजार लोग चारपाई में शव लेकर तहसील महसी में धरना प्रदर्शन के लिए निकल गए हैं। धरने के लिए जा रहे लोगों के हाथ में लाठी-डंडे भी हैं और पुलिस बल की संख्या बेहद कम है। ऐसे में टकराव की आशंका बढ़ गई है।
रेहुआ मसूर गांव के लोग मां दुर्गा की प्रतिमा को लेकर धूम धाम से विसर्जन के लिए जा रहे थे। इस बीच दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने डीजे की तेज आवाज को लेकर विवाद किया जिससे दोनों पक्ष में बढ़ गया। मामला बढ़ने पर पत्थरबाजी होने लगी और आगजनी भी हुई। पत्थरबाजी और आगजनी के बाद गोलीबारी भी हुई, जिसमें 22 साल के युवक राम गोपाल मिश्रा की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। राम गोपाल की मौत के बाद मामला बढ़ता चला गया। हजारों की संख्या में उनके गांव के लोग उनका शव लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथ में लाठी-डंडे भी हैं। उन्होंने अस्पताल और शो रूम में आगजनी की है। घरों को भी आग के हवाले किया गया है और कारों में भी आग लगाई गई है।