पलपल इंडिया प्रतिनिधि। अगर आपको भी यूरिक एसिड जैसी समस्या है तो आप भी घबराये नहीं अगर आपको इस समस्या से निजात पाना है तो आपको भी हाई फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए। आप मूली का सेवन कर सकते है जी हाँ मूली में हाई फाइबर से भरपूर तत्व पायें जाते है। आईये जानते हैं, कैसे।
यूरिक एसिड की समस्या से परेशान लोगों को अपने खानपान का विशेष रूप से ध्यान रखना होता है। सर्दियों में यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या तेजी से बढ़ती है। ऐसे में इस बीमारी के मरीजों को हाई प्यूरिन और प्रोटीन वाले फूड्स के सेवन से बचना चाहिए। ऐसे में यूरिक एसिड के मरीजों के लिए मूली का सेवन फायदेमंद है।
मूली में प्यूरीन की मात्रा कम होती है। ये कम कैलोरी वाला, हाई फाइबर और विटामिन सी से भरपूर फूड है। एक कप कच्ची मूली के स्लाइस में लगभग 20 कैलोरी, 2 ग्राम फाइबर और लगभग 17 मिलीग्राम विटामिन सी होता है। इसके अलावा नियमित रूप से इसे खाने से यूरिक एसिड की समस्या कम हो सकती है। कैसे, जानते हैं।
मूली में इंडोल-3-कारबिनोल और 4-मिथाइलथियो-3-ब्यूटेनाइल-आइसोथियोसाइनेट होता है, जो मुख्य रूप से लिवर को डिटॉक्सीफाई करने का काम करता है। लेकिन ये है प्यूरिन पचाने और किडनी से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद कर सकता है। इस तरह ये शरीर में भोजन से निकले वाले प्यूरिन की मात्रा को कम करने में मददगार है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर प्यूरिन क्रिस्टल के रूप में हड्डियों और जोड़ों में जमा हो जाता है। ये गाउट की समस्या को बढ़ाता है। ऐसे में मूली खाना खून से अतिरिक्त यूरिक एसिड को हटाने में किडनी की मदद कर सकता है और यूरिक एसिड क्रिस्टल के गठन को रोक सकता है। इससे गाउट की समस्या में कमी आती है।
यूरिक एसिड में आप मूली का सेवन कई तरह से कर सकते हैं। आप इसका सेवन सलाद और सब्जी के रूप में कर सकते हैं साथ ही आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं। इसके अलावा आप अजवाइन के साथ इसका जूस तैयार करें और रोजाना खाली पेट इसका सेवन करें।