अयोध्या समाचार – राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात SSF जवान की गोली लगने से मौत, पुलिस कर रही जांच
पलपल इंडिया प्रतिनिधि,अयोध्या। राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात SSF जवान की गोली लगने से मौत, हो गई ,सूत्रों के मुबतिक जानकारी मिली है की सुबह करीब 5.25 की यह घटना थी जहाँ घायल को तुरंत हॉस्पिटल पहुचाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है. मरने वाले जवान का नाम शत्रुघ्न विश्वकर्मा बताया जा रहा है जवान की मौत के बाद मंदिर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आईजी और एसएसपी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की पूरी तरह से जांच की गई। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती जांच के बाद आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह क्लियर हो पाएगी।25 साल का शत्रुघ्न अंबेडकरनगर का रहने वाला था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गोली की आवाज सुनकर बाकी साथी मौके पर पहुंचे और देखा कि जवान को गोली लगी हुई है और वह खून से लथपथ पड़ा हुआ है। उसे अस्पताल ले जाया गया। यहां से घायल जवान को ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। लेकिन वहां पर डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया। जवान की मौत के बाद मंदिर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आईजी और एसएसपी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की पूरी तरह से जांच की गई। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती जांच के बाद आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह क्लियर हो पाएगी।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
शत्रुघ्न विश्वकर्मा 2019 बैच का था. अंबेडकरनगर के थाना सम्मनपुर के गांव कजपुरा का रहने वाला था. एसएसएफ में तैनात था. एसएसएफ फोर्स को चार साल पहले योगी सरकार ने मंदिर की सुरक्षा के लिए गठित किया गया है. मृत जवान के साथियों ने बताया कि घटना से पहले शत्रुघ्न मोबाइल देख रहा था. वह कुछ दिन से किसी बात को लेकर परेशान भी चल रहा था. पुलिस ने उसका मोबाइल भी जांच के लिए भिजवाया है. पुलिस ने मृत जवान के परिवार को सूचना दे दी है. परिजन मौके पर पहुंच गए हैं. उनका रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार वालों को यकीन ही नहीं हो रहा कि शत्रुघ्न अब इस दुनिया में नहीं है.
तीन महीने पहले भी हुई थी जवान की मौत
तीन महीने पहले भी राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात एक जवान को गोली लग गई थी। उस मामले में तो जवान की गलती से ही गोली चल गई थी। बताया गया था कि वह बंदूक को साफ कर रहा था तब ही अचानक से ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। वह जवान के सीने के आर-पार हो गई। अब हम बात करतें हैं एसएसएफ की। SSF यानी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन योगी सरकार ने चार साल पहले किया था। एसएसएफ के पास किसी को भी बिना वारंट के गिरफ्तार करने का अधिकार है। इस फोर्स का नेतृत्व एडीजी स्तर के अधिकारियों के द्वारा किया जाता है।