पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। मध्य प्रदेश में एक बार फिर जवानों के खिलाफ हुई बड़ी साजिश. असमाजिक तत्वों ने इस बार सेना की ट्रेन को ही निशाना बना लिया . लेकिन वे इसमें नाकाम रहे. क्यूंकि ट्रेन के ड्राइवर की सतर्कता की वजह से यह बड़ा हादसा टल गया है. जांच में ट्रेन की पटरी से 10 डेटोनेटर बरामद किए गए हैं. जम्मू और कश्मीर से कर्नाटक जा रही इस ट्रेन में सेना के जवान सवार थे।
वैसे तो ट्रेन एक्सीडेंट कराने के कई मामले आते रहते है और कई बार ट्रेन को बम से उड़ने की कोशिस की जा चुकी है लेकिन इस बार मध्य प्रदेश में सेना की ट्रेन को बम से उड़ाने की साजिश की गई थी. यह घटना बुरहानपुर के नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के सागफाटा का है. यहां जैसे ही ट्रेन डेटोनेटर के ऊपर से होकर गुजरी, धमाके शुरू हो गए. इससे ट्रेन का ड्राइवर सचेत हो गया और उसने तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचित किया. इस प्रकार एक बड़ा ट्रेन हादसा होते होते टल गया. सूत्रों के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने के लिए 18 सितंबर को रेल की पटरी पर 10 डेटोनेटर लगाए गए थे.
(एंटी-टेरेरिज्म स्क्वाड) ATS और (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) NIA सहित अन्य एजेंसियों के साथ रेलवे और लोकल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. इससे पहले भी कई बार ट्रेन पलटाने की साजिशों का खुलासा हो चुका है. और इन सभी मामलों में आतंकी गतिविधियाँ सामने आई है. इस बार आशंका यही जताई जा रही है कि इस साजिश के पीछे किसी आतंकी गिरोह के स्लीपर सेल का हाथ हो सकता है.
लोको पायलट को जैसे ही अनुमान हुआ बम होने का उसने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक लिया और स्टेशन मास्टर को मामले की जानकारी दी. यह वारदात सेना की ट्रेन के साथ हुई है, इसलिए रेलवे के अधिकारियों ने तत्काल केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी सूचित कर दिया. इसके बाद शनिवार की दोपहर पुलिस विभाग की स्पेशल शाखा डीएसपी, नेपानगर एसडीओपी थाना प्रभारी समेत रेलवे के अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया. वहीं शनिवार को ही देर शाम NIA, ATS सहित अन्य खुफिया की एजेंसियों ने भी मौके पर पहुंच कर जांच को अपने हाथ में ले लिया है.