पलपल इंडिया प्रतिनिधि। फ्रांस के पेरिस में आयोजित AI एक्शन समिट में पीएम मोदी ने AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के हमारे जीवन में होने वाले पॉजीटिव बदलावों के बारे में बात की है।
AI Action Summit 2025 में पीएम मोदी ने एआई के हमारे जीवन में होने वाले पॉजीटिव बदलावों को लेकर बात की है। फ्रांस और अमेरिकी दौरे पर गए प्रधानमंत्री ने 11 फरवरी को पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट में भाग लिया। पीएम मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो भी इस समिट में मौजूद रहे। इस एआई समिट में पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के हमारे जीवन में पड़ने वाले प्रभावों को लेकर बात की है।
आपको बता दे AI Action Summit में भारत समेत दुनिया के 100 देश भाग ले रहे हैं। इस समिट की अध्यक्षता फ्रांस के राष्ट्रपति कर रहे हैं। पीएम मोदी ने इस एआई समिट में कहा, “मैं एक सरल उदाहरण से इसकी शुरुआत करता हूं। यदि आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट एआई एप्लिकेशन पर अपलोड करते हैं, तो यह आपको बिना किसी गलती के आपकी बीमारी के बारे में सब कुछ समझा सकता है। लेकिन यदि आप उसी ऐप से बाएं हाथ से लिखने वाले किसी व्यक्ति की छवि बनाने के लिए कहते हैं, तो ऐप संभवतः दाहिने हाथ से लिखने वाले किसी व्यक्ति की छवि बनाएगा।”
इसके बाद पीएम मोदी ने आगे कहा कि AI कैसे हमारी जिंदगी बदल रहा है। उन्होंने आगे कहा, “ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ट्रेनिंग डेटा इसे प्रभावित कर रहा है। यह दर्शाता है कि एआई के सकारात्मक पहलू के साथ-साथ इसके कई और पहलूओं पर हमें ध्यान देना होगा।” इसके बाद पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो को इस इवेंट का को-चेयर करने के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि AI हमारे राजनीति, आर्थिक, सुरक्षा और हमारे समाज को बदल रहा है। एआई इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है लेकिन यह मानव समाज के इतिहास में आए किसी भी अन्य टेक्नोलॉजी से बिलकुल अलग है। एआई ने असाधारण गति से अपने इन बदलावों को दर्शाना शुरू कर दिया है। इसे लोग उम्मीद से ज्यादा तेजी से अपना भी रहे हैं। पीएम मोदी ने इसके बाद भारत के India AI मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय भारत एआई को अपनाने में दुनिया के कई देशों का नेतृत्व कर रहा है।
पीएम मोदी ने भारत में एआई के सकारात्मक इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में एआई ऐप को जनता की सेवा करने के लिए डेवलप कर रहे हैं। भारत में एआई के डेटा प्राइवेसी को लेकर भी कई कदम उठाए गए हैं। हमारे पास दुनिया का सबसे बड़ा एआई टैलेंट है। भारत खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) तैयार कर रहा है। हमारे पास एक यूनीक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल है, जो संसाधनों को अफोर्डेबल कॉस्ट पर पब्लिक के लिए उपलब्ध कराता है। भारत दुनिया को यह बताना चाहता है कि एआई का भविष्य अच्छा है और सभी के लिए है।