पलपल इंडिया प्रतिनिधि,इंदौर। देशभर में क्रिसमस का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान लोग येशु के जन्म दिवस पर चर्च में एकत्र हुए और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। लेकिन इंदौर शहर में एक ऐसा वाक्या सामने आया। जिसमें क्रिसमस पर ग्राहकों को खुश करने के लिए एक डिलीवरी बॉय को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनकर डिलीवरी करना भारी पड़ गया। जब उसने सांता क्लॉज की ड्रेस पहनकर काम शुरू किया, उसे रास्ते में हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने रोक लिया और ड्रेस उतरवाने की मांग की।
दरअसल जोमैटो की तरफ से क्रिसमस के दिन डिलीवरी स्टाफ को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनकर डिलीवरी करने के लिए कहा गया था। इसी के चलते एक डिलीवरी बॉय यह ड्रेस पहनकर निकला ही था कि रास्ते में उस पर हिंदू संगठन के लोगों की नजर पड़ी तो उन्होंने उसे वहीं रोक लिया।
संगठन के एक शख्स ने डिलीवरी बॉय से पूछा कि क्या हिंदू त्योहारों में भगवा कपड़े पहनकर डिलीवरी करते हो? उन्होंने आगे पूछा जब हिंदू त्योहार होते हैं, क्या तब भगवा पहनकर या श्रीराम बनकर जाते हो? हिंदू सगंठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा की हिंदू त्योहारों पर ऐसी ड्रेस पहनकर संदेश नहीं दिया जाता, लेकिन ईसाई और मुस्लिम त्योहारों के दौरान डिलीवरी बॉय को इस तरह के प्रचार करने की अनुमति दी जाती है।
हिन्दू संगठन के लोगो ने जब डिलीवरी बॉय से पूछा तब सने बताया कि उसे कंपनी की ओर से क्रिसमस के दिन संता क्लॉज की ड्रेस पहनने के लिए दी गई थी। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर धार्मिक संदेश देने की बात है तो हिंदू त्योहारों के दौरान भी ऐसे ही संदेश दिए जाने चाहिए, न कि केवल ईसाई और मुस्लिम त्योहारों पर। उनका सवाल था कि जब हिंदू त्योहार होते हैं, तब भगवा या श्रीराम बनकर संदेश देने क्यों नहीं जाते।