Agra: यूपी के आगरा के खेरागढ़ थाना क्षेत्र की डूंगरवाला उंटगन नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दशहरा के दिन एक बड़ा हादसा हो गया. नदी में उतरने वाले 7 युवक अचानक तेज बहाव में बह गए. ग्रामीणों के मुताबिक, मूर्ति बीच पानी में ले जाते समय अचानक एक युवक का पैर फिसल गया। उसे बचाने की कोशिश में अन्य युवक और किशोर भी गहरे पानी में समा गए। जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई.
आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने आए गांव कुशियापुर डूगरवाला के 14 युवक गहरे पानी में डूब गए। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक विष्णु को बचा लिया। डेढ़ घंटे बाद पुलिस की मदद से तीन युवकों ओमपाल, मनोज और गगन के शव निकाले गए। रात तक तलाश के बाद भी बाकी 10 का पता नहीं चल सका था। इनमें 5 नाबालिग हैं।

सूचना मिलते ही खेरागढ़ थाना प्रभारी मदन सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. मदन सिंह ने वर्दी उतारकर खुद नदी में छलांग लगाई और भोला नामक युवक को नदी से बाहर निकाल लिया. हालांकि उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है. 6 अन्य युवक अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है.
घाट पर मौजूद परिवार की महिलाएं और लड़कियां मां दुर्गा की प्रतिमा को पकड़कर आंसू बहाती रहीं. हाथ जोड़कर सलामती की प्रार्थना करती रहीं. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए दिल दहला देने वाला था. डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा और चेयरमैन सुधीर गर्ग भी घटनास्थल पर पहुंचे. डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया. गोताखोरों की मदद से लापता युवकों की खोज जारी है.
हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ. खेरागढ़ के डूंगरवाला उंटगन नदी में लोग दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करने आए थे. महिलाएं नदी किनारे रुक गई थीं, लेकिन युवक प्रतिमा को लेकर नदी में चले गए. अचानक 7 युवक तेज बहाव में डूब गए. कुछ ने प्रतिमा छोड़कर बाहर आने की कोशिश की, लेकिन 6 युवक बह गए.

लापता युवकों में सचिन महावीर (15) पुत्र रामवीर सिंह, ओके (18) पुत्र किशन सिंह, भगवती (20) पुत्र मुरारीलाल, हरेश (20) पुत्र यादव, गगन (17) और ओमपाल (19) शामिल हैं. पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए गोताखोरों की टीम लगाई है और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है.
लड़के जिस प्रतिमा का विसर्जन करने आए थे, वह नदी के बीच में छोड़ दी गई. हादसे के बाद परिजन प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर सलामती की प्रार्थना करते रहे. पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने विसर्जन स्थल उंटगन नदी पुल के नीचे बनाया था. युवकों को पहले बीच नदी में जाने से मना किया गया था. इसके बावजूद वे कैला देवी की ओर जा रहे थे और रास्ते में ही डूंगरवाला गांव स्थित नदी किनारे विसर्जन किया. इस दौरान यह हादसा हुआ.