पलपल इंडिया प्रतिनिधि। भितरवार की आदिवासी बस्ती में शराबी पिता की लापरवाही से पांच वर्षीय बच्ची आग में जल गई जिससे उसकी मौत हो गई। पिता-पत्नी के बीच विवाद के चलते झोपड़ी में बच्ची अकेली रह गई थी। आग का कारण स्पष्ट नहीं है।
दरअसल भितरवार तहसील में रहने मजदूर परिवार में पिता की शराब की लत ने पांच साल की बच्ची की जान ले ली। दरअसल, शराब के आदी व्यक्ति ने बुधवार रात पत्नी को शराब लेने भेज दिया। उसे शराब लाने में देर हुई, तो खुद भी चला गया। इसी दौरान झोपड़ी में अकेली सो रही पांच साल की मासूम आग लगने से जिंदा जल गई। चूल्हे पर खाना बनता था, लेकिन वह भी शाम को ही बन गया था। बच्ची का पिता बीड़ी पीता था। शंका व्यक्त की जा रही है कि बीड़ी से आग लगी हो। बेलगड़ा क्षेत्र की आदिवासी बस्ती गाजना में अरविंद आदिवासी कच्ची झोपड़ी बनाकर रहता है। हादसे में 5 वर्षीय बेटी सुहानी जिंदा जल गई। घटना से आधा घंटे अरविंद ने पत्नी का शराब लेने भेजा था। उसके बाद बेटी को सोता छोड़ खुद भी पीछे चला गया।
आठ माह की दूसरी बच्ची का पत्नी साथ ले गई थी। एक बेटा दादा-दादी के साथ ईंट भट्टे पर था। आग की सूचना पर भितरवार से फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन तब तक झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। परिवार को 50 किलो राशन 10 हजार रुपये अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि दी गई है। प्रदेश सरकार को 4 लाख रुपए की सहायता राशि के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिससे परिवार का आगे भरण पोषण हो सके।अरविंद आदिवासी ने कहा कि रात में विवाद के चलते पत्नी चली गई थी, इसलिए वह पीछे चला गया था। घर का दरवाजा लगा गया था। आग कैसे लगी यह नहीं पता।