पलपल इंडिया प्रतिनिधि। एक युवक का अपहरण करने के बाद उसे जमकर पीटा गया। उसकी चीख ना निकले इसलिए मुंह में कपड़ा ठूंसा और फिर एक-एक करके हाथ-पैर काटे। आखिरी में सिर धड़ से अलग कर दिया।
गोहलपुर थाना क्षेत्र के कृष्णा कॉलोनी में खाली भूखंड में मिले बिना धड़ के शव की जांच में सनसनीखेज पदार्फाश हुआ है। एक होमगार्ड सैनिक ने अपने पुत्र और दामाद के साथ मिलकर कजरवारा निवासी परम सिंह गौंड़ (40) का अपहरण कर उसकी हत्या की थी। आरोपितों ने वारदात में नृशंस तरीका अपनाया। पहले परम को अपने घर में बंद करके मारा-पीटा। जब वह अधमरा हो गया तो उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। फिर कसइया (हंसिया जैसी धारदार वस्तु) से पहले उसके हाथ, पैर काटे। उसके बाद अंतिम प्रहार में उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।
शव के छह टुकड़े किए और उसे एक बोरी में भरकर फेंक दिया। पुलिस ने बुधवार की रात को आरोपित होमगार्ड सैनिक त्रिमूर्ति नगर नंदन बिहार कालोनी निवासी राकेश कटारिया (50), उसे पुत्र सोहेल (23) और राकेश के दामाद रेलवे दूसरा पुल निवासी राजवीर सिंह (30) को गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार को नंदन विहार कॉलोनी में एक खाली भूखंड से दुर्गंध की शिकायत स्थानीय लोगों ने की थी। इस भूखंड में पानी और कीचड़ था। पुलिस की जांच में बोरी में बिना धड़ का एक शव मिला था। बुधवार को मिले कटे हाथ में मंजू-परम का गुदना और उसी के पंजे में एमपी लिखा मिला था। पोस्टमार्टम में कटे पैर में टुकड़े में राड लगी मिली थी। परम के पैर में राड होने की स्वजन ने जानकारी दी थी, जिससे शव की पुष्टि हुई थी। परम 10 मई से गायब था।
एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर की गई जांच में पता चला कि परम की पूर्व में कजरवारा में रहने वाले राकेश से विवाद था। राकेश अभी नंदन विहार में रह रहा है। परम का शव राकेश के घर के पीछे खाली भूखंड पर मिला था। यहीं से पुलिस कड़िया जोड़ते हुए आरोपितों तक पहुंची।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि जहां शव मिला था, उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई। एक फुटेज में 10 और 11 मई की रात को खाली भूखंड में भरा पानी एक बार ऊंचा उछलता दिखा। अनुमान लगाया गया कि ऐसा बोरे में भरकर फेंके गए शव के दबाव में हुआ है।
यह प्लॉट राकेश के घर के पीछे था। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि 10 मई को परम को राजवीर ने रेलवे पुल नंबर चार के पास अकेला देखा। उसे पता चला तो पुत्र के साथ कार से पहुंचा। फिर तीनों ने परम का अपहरण किया और घर लेकर आ गए। इसके बाद उसकी हत्या कर दी।
आरोपित राकेश पहले कजरवारा में रहता था। परम भी पटेल मोहल्ला के पुरानी बस्ती का निवासी है। जहां, दोनों में गाड़ी खड़ी करने को लेकर पूर्व में विवाद था। तीन माह पूर्व राकेश की पत्नी की घर की छत से गिरकर मृत्यु हो गई थी।
राकेश को संदेह था कि परम ने उसकी पत्नी की हत्या की है। पत्नी की मौत के बाद राकेश अपने परिवार के साथ नंदन विहार में रहने लगा था। लेकिन पत्नी की हत्या के संदेह में परम से बदला लेना चाहता था। इसलिए उसकी हत्या कर दिया। जबकि राकेश की पत्नी की हत्या में पुलिस जांच में पता चला था कि घटना के समय परम मेडिकल अस्पताल में भर्ती था। उसके पैर में राड लगी थी।
आरोपित शातिर थे, उन्होंने परम को घर में बंद किया। उसके हाथ-पैर बांधे। बल्ले और लाठी से तब तक पीटा जब तक कि वह अधमरा नहीं हो गया। उसके बाद उसे बाथरूम में ले गए। कसइया से उसके शरीर के एक-एक कर छह टुकड़े किए। उसकी चीख न निकलें इसलिए मुंह पर पहले कपड़ा ठूस दिया।
काटने पर निकलने वाले खून से घर खराब न हो इसलिए बाथरूम में ले गए। हत्या के बाद खून के सारे छींटे धो दिए। बाहर शव लेकर जाने पर पकड़े जाने का डर था। इसलिए उन्होंने घर के पीछे खाली प्लाट को चुना। जहां पानी और कीचड़ था। उन्हें लगा कि शव पानी में सड़ जाएगा। फिर शव की पहचान नहीं हो सकेगी।