पलपल इंडिया प्रतिनिधि। जिला अस्पताल पन्ना में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मीना नामदेव की लापरवाही से गर्भवती महिलाओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला 4 अगस्त 2025 को शाम लगभग 4 बजे का बताया गया है, परिवार के लोगों ने बताया कि सांस लेने में समस्या होने पर मोना सेन पति रवि सेन उम्र लगभग 22 वर्ष निवासी ग्राम भैरहा थाना धरमपुर को जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया, महिला 5 माह की गर्भवती थी एक दिन पूर्व भी अस्पताल लाया गया था यहां डॉ नीरज जैन के द्वारा हार्ट की समस्या बताते हुए जरूरी दवाइयां लिखकर हार्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी गई, इसके बाद परिवार के लोग घर चले गए दूसरे रात में फिर समस्या होने पर 4 अगस्त 2025 को सुबह लगभग 11 बजे फिर अस्पताल पन्ना लाया गया कुछ देर इंतजार के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया डॉ मीना नामदेव के द्वारा जांच की सलाह दी गई इमरजेंसी जांच रिपोर्ट आने में भी डेढ़ घंटे से अधिक समय लग गया। परिवार के लोगों ने आगे बताया कि हालत में सुधार नहीं होने पर हम लोगों के द्वारा रेफर करने के लिए निवेदन किया गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया लापरवाही यहां तक बताई गई की बोतल समाप्त होने पर कई बार बताने के बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया जिससे खून आधे पाइप तक पहुंच गया, शाम लगभग 4 बजे मोना सेन एवं उसके गर्भ में पल रहे पांच माह के बच्चे की मौत हो गई जिससे परिवार के लोग जिला अस्पताल पन्ना में ही फूट-फूट कर रोने लगे परिवार के लोगों ने डॉ मीना नामदेव एवं स्टाफ के लोगों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
वहीं इस मामले में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मीना नामदेव का कहना है कि महिला सीरियस हालत में जिला अस्पताल पन्ना लाई गई थी जिसे सीवर निमोनिया एवं हार्ड डिजीज की समस्या थी ऐसे में रेफर करना संभव नहीं था हमने काफी प्रयास किया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मीना नामदेव के द्वारा हर मामले में इसी प्रकार सफाई दी जाती है कई शिकायतों के बाद भी जांच और कार्यवाही के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चलने पर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।