पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहाँ लापता हुए एक बच्चे का शव 36 घंटे के बाद मिला है. यह 12 साल की नाबालिग बच्ची की निशानदेही पर बरामद हुआ है.
आपको बता दे मध्य प्रदेश के ग्वालियर में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए 4 साल के मासूम का देर रात को झाड़ियों में शव मिल गया. बच्चे का शव पड़ोस में रहने वाली 12 साल की नाबालिग बच्ची की निशानदेही पर पास की झाड़ियों से बरामद किया गया है. पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया की मासूम बच्चे की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस अभी ये पता करने में जुटी हुई है कि हत्या सिर्फ बच्ची ने की है या इसमें कोई और भी शामिल हैं.
दरअसल शहर के थाना सिरोल क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन गेटबंद कॉलोनी कॉस्मो आनंदा में बीते 4 महीने पहले मजदूरी करने ललितपुर से आए एक मजदूर परिवार का 4 साल का मासूम देवराज वंशकार मंगलवार से अचानक गायब हो गया था. मासूम के माता-पिता का कहना है कि देवराज के गुम होने पर उसे शाम तक तलाशते रहे. जब वो नहीं मिला तो किडनैपिंग की आशंका को देखते हुए पुलिस को सूचना दी. सूचना पर पुलिस हरकत में आई . 12 घंटे से ग्वालियर पुलिस की चार टीमें मासूम की तलाश में जुटी हुई थी. जिसके बाद बच्चे का शव झाड़ियों से मिला. थाना सिरौल पुलिस ने मासूम के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
ग्वालियर के SSP धर्मवीर सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया की देवराज वंशकार मंगलवार को आखिरी वक्त नाबालिग किशोरी के साथ देखा गया था. पता चला कि नाबालिग किशोरी मासूम देवराज को बेर खिलाने के बहाने लेकर गई थी. पुलिस ने उसे सस्पेक्ट मानते हुए उसे हिरासत मे ले रखा था और पूछताछ कर रही थी. मनोचिकित्सकों पुलिस टीम की पूछताछ के बाद नाबालिग किशोरी ने मासूम के शव को छुपाने की जगह बताई. इसके बाद पुलिस द्वारा देर रात की गई सर्चिंग मे अंडर कंस्ट्रक्शन कॉस्मो आनंदा के पास सुनसान खंडहर नुमा मकान के पिलर के गड्ढे में मासूम का शव मिला.