AI बनाने पर था अफसोस…उसी में लिए मिल गया नोबल प्राइज! Geoffrey Hinton

By: PalPal India News
October 9, 2024

पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। (Artificial Intelligence) AI आजकल कौन नहीं जनता इसके बारे में पर आपमें से बहुत कम लोग ही इसके जनक यानी AI को हम सबके बीच लाने वाले ज्योफ्री हिंटन को जानते होंगे  जी हाँ AI के गॉडफादर ज्योफ्री हिंटन है जिन्होंने कुछ समय पहले आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के फायदे तो बताये थे लेकिन वह इसके बढ़ते प्रभाव से डरे हुए भी हैं. दरअसल रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क्स पर बड़े योगदान के लिए जेफ्री हिंटन और जॉन हॉपफील्ड को फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया है. ज्योफ्री हिंटन को मशीन लर्निंग को सक्षम बनाने वाली खोज के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया है.

Artificial Intelligence एआई जब से आया है तब से बस हर तरफ इसी की चर्चा है. जहां कुछ लोग इसके फायदे गिनवाते हुए नजर आते हैं तो वहीं दूसरी तरफ आपको जानकार हैरानी होगी की  AI के गॉडफादर ज्योफ्री हिंटन ने कुछ समय पहले बताया था कि वह इससे डरे हुए हैं.

आज हम आप लोगों को ज्योफ्री हिंटन के बारे में जानकारी देने वाले हैं. साथ ही उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्सों के बारे में भी आपको बताएंगे.

  • जियोफ्री हिन्टन का जन्म 6 दिसंबर 1947 को लंदन में हुआ था, जियोफ्री ने 1970 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से एक्सपैरीमेंटल साइकोलोजी में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी और एडिनबर्ग विश्वविद्यालय से 1978 में (Artificial Intelligence) AI में पीएचडी की पढ़ाई की थी.
  • जियोफ्री ने टोरंटो विश्वविद्यालय में कई शैक्षणिक पदों पर भी काम किया जहां उन्होंने AI क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
  • 2013 में जियोफ्री ने DNN research की सह-स्थापना की, जिसके बाद में Google ने अधिग्रहित कर लिया.
  • 2018 में जियोफ्री हिन्टन को उनके योगदान के लिए, ट्यूरिंग अवार्ड दिया गया.
  • 2023 में जियोफ्री हिन्टन ने गूगल में अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

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