कोटा। राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में आत्महत्या का एक और मामला सामने आया है। मंगलवार को 18 वर्षीय नीट (NEET) अभ्यर्थी अंकुश मीणा का शव उनके पीजी रूम में पंखे से लटका मिला। यह इस साल कोटा में आत्महत्या का सातवां मामला है। सवाई माधोपुर जिले का रहने वाला अंकुश पिछले डेढ़ साल से कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रहा था और प्रताप नगर स्थित एक पीजी में रहता था।
दादाबाड़ी पुलिस थाने के सर्कल इंस्पेक्टर एम. लाल यादव ने बताया कि मंगलवार सुबह अंकुश का शव पंखे से लटका मिला। इस बारे में पुलिस को अंकुश के रिश्तेदार ने सूचना दी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और भारतीय दंड संहिता की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग माना जा रहा है, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। अंकुश के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार के अनुसार, अंकुश पर पढ़ाई का कोई खास मानसिक दबाव नहीं था। उनके मामा ने बताया कि वह अपने टेस्ट में नियमित रूप से 480 अंक स्कोर कर रहा था, जिससे यह नहीं लगता कि पढ़ाई का तनाव आत्महत्या की वजह बना। घटना से कुछ घंटे पहले, अंकुश ने अपने पिता से सुबह 8 बजे फोन पर बात की थी, लेकिन उसने किसी तरह की परेशानी जाहिर नहीं की।
2025 में अब तक 7 छात्रों की आत्महत्या
कोटा में इस वर्ष छात्रों की आत्महत्या का यह सातवां मामला है। 2024 में कोटा में 17 कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या की थी। अकेले जनवरी 2025 में ही 6 छात्रों ने जान दी, जिनमें 5 जेईई (JEE) अभ्यर्थी और 1 नीट (NEET) अभ्यर्थी शामिल थे।