लाहौर। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने खिलाड़ियों की मैच फीस में भारी कटौती करने का फैसला किया है। आगामी नेशनल T20 कप 2025 में खिलाड़ियों की फीस में 75% तक की कमी की गई है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब PCB वित्तीय संकट से गुजर रहा है। लाहौर और कराची के स्टेडियमों के नवीनीकरण के बाद बोर्ड की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है।
नेशनल T20 कप 14 मार्च से फैसलाबाद, लाहौर और मुल्तान में शुरू हो रहा है, जिसमें कुल 39 मैच खेले जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल खिलाड़ियों को प्रति मैच केवल 10,000 पाकिस्तानी रुपये (करीब 3,000 भारतीय रुपये) मिलेंगे, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को मात्र 5,000 पाकिस्तानी रुपये (करीब 1,556 भारतीय रुपये) दिए जाएंगे। यह 2024 के मुकाबले 75% की कटौती है, जब खिलाड़ियों को प्रति मैच 40,000 रुपये मिलते थे। इससे पहले 2022 में यह राशि 60,000 रुपये थी।
फीस में कटौती के बावजूद PCB पर बड़े खर्च करने के आरोप लग रहे हैं। मौजूदा चेयरमैन मोसिन नक़वी के नेतृत्व में बोर्ड हर महीने विदेशी कोचों की सैलरी, पांच मेंटर्स की नियुक्ति और ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की तैयारियों पर 5 मिलियन पाकिस्तानी रुपये (करीब 15 लाख भारतीय रुपये) खर्च कर रहा है। सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में इस फैसले की आलोचना हो रही है।
PCB के एक अधिकारी ने कहा कि इस फैसले का कारण वित्तीय संकट नहीं है, बल्कि बोर्ड का मानना है कि खिलाड़ियों के पास अन्य टूर्नामेंट से कमाई के कई मौके उपलब्ध हैं। इस समय पाकिस्तान की टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय और टी20 सीरीज की तैयारी कर रही है, और पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2025 भी नजदीक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बाबर आज़म और नसीम शाह जैसे स्टार खिलाड़ी न्यूजीलैंड दौरे से बाहर किए जाने के बाद नेशनल T20 कप में हिस्सा नहीं लेंगे। PCB की नीतियों की आलोचना करते हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर आकिब जावेद ने हाल ही में बोर्ड पर सवाल उठाए थे। इस पर पूर्व मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने सोशल मीडिया पर आकिब जावेद को ‘जोकर’ कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।