पलपल इंडिया प्रतिनिधि। पश्चिम बंगाल कोलकाता से बड़ी खबर सामने आ रही है। रामनवमी का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है पश्चिम बंगाल में तनाव बढ़ता जा रहा है। रामनवमी छह अप्रैल को मनाई जाएगी ऐसे में हावड़ा में अंजनी पुत्र सेना के राम नवमी जुलूस को मिली कोलकाता हाई कोर्ट ने अनुमति दे दी है। इससे पहले बंगाल प्रशासन ने इस जुलूस को निकालने की अनुमति नहीं दी थी। वहीं, हाईकोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद दोनों को जुलूस निकालने की अनुमति दे दी है। जुलूस पुराने रास्ते से ही निकाला जाएगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दरअसल हावड़ा में रामनवमी पर शोभायात्राएं निकालने की परंपरा है। इस दौरान विवाद भी होते रहे हैं। पुलिस ने इस साल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीटी रोड के रास्ते पिछले 15 सालों से चली आ रही पारंपरिक रामनवमी शोभायात्रा की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। पुलिस के इस आदेश के खिलाफ अंजनी पुत्र सेना नामक के हिंदूवादी संगठन ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ऐसे में राम नवमी का जुलूस मुस्लिम बहुल इलाके काजीपारा होते हुए जाएगा। इस दौरान पूरे रास्ते में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पश्चिम बंगाल में राम नवमी जुलूस पर हिंसा के मामले सामने आते रहे हैं। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं।
कोलकाता हाई कोर्ट से रामनवमी जुलूस निकालने की अनुमति मिलने पर पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “अपने धार्मिक त्योहार मनाना हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन ममता बनर्जी की पुलिस हमें रोक रही है। हमें हर मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।”