नई दिल्ली. कुवैत से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां सरकार ने 37,000 लोगों की नागरिकता अचानक रद्द कर दी है, जिनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। इनमें ज्यादातर महिलाएं वे हैं, जिन्हें कुवैती पुरुषों से शादी के आधार पर नागरिकता दी गई थी।
नागरिकता समाप्त होने के साथ-साथ इन महिलाओं के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, पेंशन रोक दी गई है, और सरकारी लाभों तक पहुंच बंद कर दी गई है। अब ये महिलाएं बिना किसी देश की नागरिकता के “स्टेटलेस” हो गई हैं।
प्रभावित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने दशकों से कुवैत में रहकर जीवन बिताया, उनकी शादी भी स्थानीय नागरिकों से हुई, फिर भी अब उन्हें कानूनी रूप से कुवैती नहीं माना जा रहा।