गोंडा (उत्तर प्रदेश). भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने दिल्ली की एक अदालत द्वारा उनके खिलाफ एक नाबालिग पहलवान की यौन उत्पीड़न की शिकायत पर दर्ज केस को बंद करने की अनुमति दिए जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैंने कभी हार नहीं मानी और आज न्यायपालिका ने न्याय किया है।”
पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोमती मनोचा ने सोमवार को दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई रद्दीकरण रिपोर्ट (Cancellation Report) को स्वीकार कर लिया, जिसमें कहा गया था कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
यह एफआईआर पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। हालांकि, शिकायतकर्ता ने पुलिस की रिपोर्ट का विरोध नहीं किया और 1 अगस्त 2023 को उसने तथा उसके पिता ने जांच से संतोष जताया।
पुलिस ने जून 2023 में कोर्ट में 550 पन्नों की रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं पाए गए।
बृज भूषण सिंह ने कहा, “मैंने पहले दिन से कहा था कि यह मामला झूठा है। जब चार्जशीट दाखिल हुई, तो कई लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया, लेकिन आज सच्चाई सामने आ गई है। मैं पहले भी कह चुका हूं कि अगर एक भी आरोप साबित हो जाए तो मैं फांसी लगाने को तैयार हूं।”
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है:
“हमारे देश में महिलाओं और दलितों की सुरक्षा के लिए कानून बने हैं, लेकिन आज इनका इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है। मैं कानून खत्म करने की बात नहीं कर रहा, लेकिन इनके दुरुपयोग की समीक्षा जरूरी है।”
सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और हरियाणा के कुछ पहलवानों का नाम लेते हुए कहा कि उनका मकसद WFI अध्यक्ष पद पर कब्जा करना था। “यह पद चुनाव से तय होता है, न कि नामांकन से,” उन्होंने कहा।
बृज भूषण सिंह ने दावा किया कि “कांग्रेस, विशेष रूप से भूपिंदर हुड्डा और कनाडा में बैठे कुछ लोग भी इस साजिश का हिस्सा थे। लेकिन मैंने न तो मैदान छोड़ा, न आत्मविश्वास खोया। भगवान की कृपा से मुझे न्याय मिला।”
गौरतलब है कि पिछले वर्ष कई महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सिंह को WFI प्रमुख पद से हटना पड़ा था। हालांकि अन्य आरोपों पर अब भी कानूनी कार्यवाही जारी है।