अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में अब जमीन खरीदना और महंगा हो गया है। करीब आठ साल बाद जिले में जमीन के सर्किल रेट में 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। यह बदलाव जमीन के स्थान और उपयोग के आधार पर किया गया है। सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य होता है, जिसे जिला प्रशासन अपने अधिकार क्षेत्र में जमीन का मूल्य निर्धारित करने के लिए तय करता है। इसी के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री और स्टांप ड्यूटी तय होती है, साथ ही प्रशासन किसानों और अन्य भूमि मालिकों से संपत्ति अधिग्रहण भी इसी दर से करता है।
आज से लागू हुए नए रेट
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नए सर्किल रेट का आदेश शनिवार को जारी किया गया था। शनिवार अवकाश होने के कारण नए दरों के अनुसार रजिस्ट्री की प्रक्रिया सोमवार, यानी आज से शुरू हो गई है। अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने जानकारी दी कि पिछले साल अगस्त में प्रस्तावित सर्किल रेट में वृद्धि पर मिली आपत्तियों पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया है।
आठ साल बाद हुआ संशोधन
रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या में बीते आठ वर्षों से सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ था, जबकि इस दौरान जमीनों के बाजार मूल्य में भारी वृद्धि देखी गई। खासकर 2019 में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से जमीनों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
प्रदेश के कई जिलों में पहले हो चुका संशोधन
अयोध्या समेत उत्तर प्रदेश के 54 जिलों में सर्किल रेट आखिरी बार 2017 में संशोधित किए गए थे। 2024 में राज्य के 21 जिलों में दरों में सुधार किया गया था। अयोध्या से सटे सुल्तानपुर, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, गोंडा और बस्ती जिलों में भी हाल ही में सर्किल रेट में बदलाव किए गए थे।
राम जन्मभूमि क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़े रेट
रिपोर्ट के अनुसार, सर्किल रेट में सबसे अधिक वृद्धि राम जन्मभूमि के आसपास के क्षेत्रों में हुई है। राम मंदिर निर्माण की वजह से यहां जमीन की बाजार कीमतों में कई गुना उछाल आया है।