Chindwada: मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग व छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह का फर्जी लेटरहेड लगाकर व फर्जी हस्ताक्षर कर एक रोजगार सहायक द्वारा अपना ट्रांसफर रुकवाने का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. मंत्री राकेश सिंह के संज्ञान में यह मामला आने के बाद हड़कंप मच गया. जिला पंचायत कार्यालय छिंदवाड़ा में एक बार फिर फर्जी पत्र का मामला सामने आया है.
इस बार तामिया जनपद के ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) का तबादला रुकवाने के लिए प्रभारी मंत्री राकेश सिंह के नाम का फर्जी पत्र तैयार किया गया. गौरतलब है कि राकेश सिंह जबलपुर से सांसद रह चुके है, इसके बाद वे वर्तमान में जबलपुर की पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव जीतने के बाद भाजपा सरकार में लोकनिर्माण मंत्री व छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री हैं.

इस पत्र में मंत्री राकेश सिंह के लेटरहेड और हस्ताक्षर का उपयोग किया गया है. जिला पंचायत ने इस मामले में कोतवाली पुलिस को शिकायत भेजी है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है. कोतवाली थानाप्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि तामिया जनपद के अंतर्गत पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक दिनेश साहू का तबादला खापासानी पंचायत के लिए किया गया था.
लेकिन 20 जुलाई को कलेक्टर के नाम एक पत्र पेश किया गया. जिसमें मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग व जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह का लेटरहैड व हस्ताक्षर लगे हुए दिखाए गए. इसी पत्र के आधार पर दिनेश साहू का तबादला रोक दिया गया और वे अब भी तामिया में ही पदस्थ हैं.

जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (एडिशनल सीईओ) पी राजोदिया ने बताया कि उन्हें इस पत्र की सत्यता पर संदेह हुआ. जब उन्होंने इसकी पुष्टि करने की कोशिश की, तो फर्जीवाड़े की आशंका मजबूत हुई. इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस को भेजकर जांच के लिए कहा. टीआई का कहना है कि उन्हें जिला पंचायत से इस मामले में आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है.
जिसमें फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर तबादला रुकवाने की बात कही गई है. पुलिस अब इस पत्र की सत्यता, उसमें प्रयुक्त हस्ताक्षर और लेटरहेड की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो संबंधित विभागों और व्यक्तियों से पूछताछ भी की जाएगी. खबर है कि मामले में कुछ राजनीतिक पदाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है. जांच के दौरान कुछ और नाम सामने आने की संभावना है. जिला पंचायत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है.
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