छोटी नदियों के संरक्षण से बड़ी नदियाँ रहेगी अविरल प्रवाहित: मंत्री श्री पटेल

By: PalPal India News
May 2, 2025

दमोह। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ जल को संरक्षित करना नहीं, जल स्त्रोतों को बचाना भी है। उन्होंने कहा कि बड़ी नदियों को बचाने के लिए छोटी नदियों को बारहमासी करने का मौका अभी हमारे पास हैं। हमारे पूर्वजों ने बावड़ियां बनाई, कुएं बनाए है, उन्हें सहजने का कार्य हमें करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्देश्य बड़ा साफ है, छोटी नदियों को हमने अगर बारहमासी कर‍दिया तो बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा रहेगा।

मंत्री श्री पटेल गुरुवार को दमोह जिले के किशन तलैया में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, सांसद दमोह श्री राहुल सिंह लोधी, विधायक एवं पूर्व मंत्री दमोह श्री जयंत कुमार मलैया, विधायक हटा श्रीमती उमादेवी खटीक, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, अधिकारी-कर्मचारीगण, नागरिक मौजूद रहे। मंत्री श्री पटेल ने कहा जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा। विगत वर्ष 32 नदियों को जोड़ने का संकल्प लिया था इस बार संकल्प है, मध्यप्रदेश में नर्मदा बेसिन, गोदावरी बेसिन, गंगा बेसिन उसमें जाने वाली किसी भी नदी का उद्गम स्थल मध्यप्रदेश में है, उस तक पहॅुचने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा सीधे नदी से पानी लेते है, तो एक भी बॅूद पानी नही बचता ओर बाद में हम मवेशियों के लिये ट्यूबवेल से भरते है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से जल संरक्षण कार्य किया जायेगा, सरकार इसकी अगुवाई कर रही हैं।

मंत्री श्री पटेल ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभारी हॅू कि सांस्कृतिक अमूर्त धरोहर के रूप में नर्मदा परिक्रमा को शामिल किया गया है। आने वाले समय में यूनेस्को की लिस्ट में भी नर्मदा परिक्रमा शामिल हो। दमोह सांसद श्री राहुल सिंह लोधी ने कहा जल गंगा संर्वधन अभियान प्रदेश सरकार की एक अभिनव पहल है। इस पहल में हम सबको जुड़ना है। सांसद श्री लोधी ने कहा मंत्री श्री पटेल पूरे प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग जिलों में जा रहे हैं और जो नदियाँ 12 महीने पानी देती थी पर किन्हीं कारणों से मिट्टी भरने, पत्थर भरने या हमने वहाँ नाले, पुल, पुलिया बना दिया, स्टॉप डेम बना दी और बहुत सी अन्य प्रकार की गतिविधियों के कारण से वो नदियाँ अब जो बारहमासी नदियाँ थी, वो 6 महीने, 5 महीने में ही उनका पानी समाप्त हो जाता है। सांसद श्री लोधी ने जल संरक्षण की पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री श्री पटेल को धन्यवाद और साधुवाद दिया।

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