Feviquick in Eyes: हॉस्टल में सोते समय 8 छात्रों की आंखों में डाला फेवीक्विक, बच्चे अस्पताल में भर्ती

By: PalPal India News
September 13, 2025

Feviquick in Eyes : ओडिशा के कंधमाल जिले में एक सरकारी आवासीय स्कूल से एक रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। कंधमाल के फिरिंगिया ब्लॉक के सलागुडा स्थित सेबाश्रम स्कूल के हॉस्टल में शुक्रवार देर रात 8 छात्रों की आंखों में फेवीक्विक डाल दिया गया, जिसके बाद बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ओडिशा के कंधमाल जिले हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के सरकारी आदिवासी कल्याण आवासीय (टीआरडब्ल्यू) स्कूल में कुछ विद्यार्थियों सो रहे थे.

Feviquick in Eyes: इस दौरान कुछ बदमाश विद्यार्थी ने सो रहे अपने साथियों की आंखों में कथित तौर पर कोई तेजी से चिपकने वाला पदार्थ डाल दिया. जिससे आठ छात्रों को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई.स्कूल का सामान

Feviquick in Eyes: घटना के समय सो रहे थे छात्र

यह मामला जिले के सालगुडा के सेवाश्रम स्कूल का है. पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि प्रभावित अधिकतर विद्यार्थी लगभग 12 साल के हैं. वे सभी चौथी व पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे हैं. उन्हें पहले गोछापाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में उनमें से सात को फूलबनी के जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचएच) में ले जाया गया है. जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब छात्र गहरी नींद में थे।

Feviquick in Eyes
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कुछ सहपाठियों ने शरारत या दुर्भावना के चलते सोते हुए छात्रों की आंखों में फेवीक्विक जैसा चिपकने वाला रसायन डाल दिया। बच्चों की आंखें चिपक गईं और वे उन्हें खोल भी नहीं पा रहे थे। तत्काल उन्हें गोछापाड़ा अस्पताल ले जाया गया और फिर प्राथमिक इलाज के बाद फूलबनी जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

Feviquick in Eyes: एक छात्र को छुट्टी 7 का इलाज जारी

डॉक्टरों ने बताया कि रासायनिक तत्वों से आंखों को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन समय रहते इलाज मिलने से गंभीर क्षति होने से बचा लिया गया। एक छात्र की हालत सुधरने पर उसे छुट्टी दे दी गई है। शेष 7 छात्र अब भी फूलबनी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है।

 

Feviquick in Eyes:  दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

मामले में पुलिस ने बताया कि आठ छात्रों में से एक की आंख खुलने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गई. बाकी अन्य छात्रों का इलाज जल रहा है. मामले में शिक्षिका प्रेमलता साहू ने कहा सुबह करीब सात बजे मैं छात्रावास गई और पाया कि आठ छात्र अपनी आंखें नहीं खोल पा रहे थे. बाद में मुझे पता लगा कि कुछ छात्रों ने आंखों पर कोई चिपकने वाला पदार्थ डाल दिया. जानकारी मिलते ही बच्चों को तुरंत अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया.स्कूल का सामान मामले की सूचना मिलने पर पीड़ित बच्चों के माता-पिता मौके पर पहुंचे. पीड़ितों के माता-पिता और स्थानीय नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

Feviquick in Eyes
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Feviquick in Eyes: प्रधानाध्यापक निलंबित, जांच के आदेश

जिला प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक मनोरंजन साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कंधमाल के कलेक्टर ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। कल्याण अधिकारी ने अस्पताल जाकर पीड़ित छात्रों से मुलाकात की और घटनास्थल की जानकारी जुटाई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, यह घटना किसी शरारत (Feviquick in Eyes) के तहत की गईया फिर पूर्व नियोजित हमला था।

Feviquick in Eyes: स्कूल में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग

प्रशासनिक अधिकारी इसे साज़िश की दिशा में भी जांच रहे हैं।स्कूल प्रबंधन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। जिला प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय नेताओं और समुदाय के लोगों ने भी इस घटना की निंदा की है और स्कूल में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। इस घटना से बड़ा सवाल यह उठता है कि स्कूल के हॉस्टल में बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव आखिर कैसे हो गया। इस घटना के दौरान शरारती छात्रों पर किसी की नजर कैसे नहीं पड़ी और किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश क्यों नहीं की।

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