भुवनेश्वर। ओडिशा में एक विदेशी महिला द्वारा अपनी जांघ पर भगवान जगन्नाथ का टैटू बनवाने से विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर टैटू की तस्वीर वायरल होने के बाद भक्तों में आक्रोश फैल गया, जिससे विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है।
महिला, जो एक गैर-सरकारी संगठन में काम करती है, ने भुवनेश्वर के एक टैटू पार्लर में भगवान जगन्नाथ का टैटू बनवाया था। जैसे ही इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर आई, कई भक्तों ने इसे आस्था का अपमान बताते हुए नाराजगी जताई। साहिद नगर पुलिस थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित है। शिकायतकर्ताओं में से एक, सुब्रत मोहानी ने कहा, “भगवान जगन्नाथ का अनुचित स्थान पर टैटू बनवाना हमारी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। यह न केवल जगन्नाथ भक्तों, बल्कि सभी हिंदुओं के लिए अपमानजनक है। हमने इस घटना में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।”
महिला और टैटू पार्लर के मालिक ने मांगी माफी- विवाद बढ़ने के बाद विदेशी महिला ने सोशल मीडिया पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं भगवान जगन्नाथ का अपमान नहीं करना चाहती थी। मैं उनकी सच्ची भक्त हूं और प्रतिदिन मंदिर जाती हूं। मुझसे गलती हो गई, जिसके लिए मुझे बहुत खेद है। जैसे ही टैटू ठीक होगा, मैं इसे हटा दूंगी। कृपया मुझे माफ करें।” टैटू पार्लर के मालिक ने भी इस मामले में अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा, “हमारे कर्मचारियों ने महिला को जांघ की जगह टैटू बांह पर गुदवाने की सलाह दी थी, लेकिन उसने अपनी जिद पर जोर दिया। मैं इस घटना के लिए माफी मांगता हूं। फिलहाल, टैटू को तुरंत हटाना संभव नहीं है, लेकिन लगभग 25 दिनों बाद इसे हटाने या ढकने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।”