नई दिल्ली. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आईएएस प्रशिक्षु पूजा खेडकर को यूपीएससी परीक्षा में धोखाधड़ी (UPSC Cheating Case) के आरोप में अग्रिम जमानत प्रदान की है. उन पर आरोप है कि उन्होंने ओबीसी और विकलांगता कोटे के तहत गलत जानकारी देकर परीक्षा में बैठने के प्रयास किए. दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
सुप्रीम कोर्ट ने पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए कहा कि यदि वह जांच में सहयोग करती हैं, तो गिरफ्तारी से बच सकती हैं. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मामले की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है. पूजा ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगी.
पूजा खेडकर पुणे में ट्रेनिंग के दौरान एक ऑडी कार में घूम रही थीं, जिस पर लाल-नीली बत्ती और ‘महाराष्ट्र सरकार’ की प्लेट लगी थी. लेकिन यह गाड़ी किसी सरकारी विभाग की नहीं थी, बल्कि एक प्राइवेट कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड थी.