वॉशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। यह ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पीएम मोदी की पहली औपचारिक बैठक थी। इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक शांति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें “महान नेता” बताया। ट्रंप ने कहा कि मोदी बेहतरीन वार्ताकार (नेगोशिएटर) हैं और उनकी इस क्षमता का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
अमेरिका में खालिस्तानी अलगाववादियों और भारत विरोधी गतिविधियों पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन की भारत नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “भारत और बाइडेन प्रशासन के संबंध उतने मजबूत नहीं रहे, कई ऐसी घटनाएं हुईं जो भारत के लिए उचित नहीं थीं।” ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका जल्द ही “बहुत ही हिंसक व्यक्ति” तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका अपराध और सुरक्षा मामलों में भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करेगा।
ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका भारत को सैन्य उपकरणों की बिक्री में कई अरब डॉलर की वृद्धि करेगा। उन्होंने कहा कि भारत को उन्नत सैन्य क्षमताएं प्रदान करने की दिशा में काम किया जा रहा है और भविष्य में एफ-35 स्टील्थ फाइटर्स की आपूर्ति का मार्ग भी प्रशस्त किया जाएगा। इस कदम को भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।