प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से आम आदमी ने कैसे उठाया लाभ,₹33 लाख करोड़ रुपये के लोन से पलटी किस्मत, प्रधानमंत्री मोदी ने की लोगों से बातचीत

By: PalPal India News
April 8, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को आज 10 साल पूरे हो गए। केंद्र सरकार की इस योजना की शुरुआत आज ही के दिन 8 अप्रैल, 2015 को हुई थी। इसी क्रम में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुद्रा योजना के लाभार्थियों के साथ बातचीत करने पहुंचे, जहां उनसे लोगों ने अपनी कहानी बताई किस तरह से उन लोगों को इस योजना से लाभ मिला।

साल 2014 में पहली बार देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अगले ही साल इस योजना को शुरू कर दिया था। ये पीएम मोदी की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों के लिए पैसों की व्यवस्था करना है, जो पैसों की कमी से अपना बिजनेस शुरू नहीं कर पाते हैं। कोलेटरल फ्री और आसानी से मिलने वाले मुद्रा योजना लोन ने जमीनी स्तर पर एंटरप्रेन्योरशिप के एक नए युग की नींव रखी। मुद्रा योजना के तहत, देश के करोड़ों लोगों ने सरकार से लोन लेकर अपना बिजनेस शुरू किया, जिससे उनकी किस्मत और जिंदगी दोनों पलट गई।

बिंदु की यूनिट में रोजाना बनते हैं 500 झाड़ू

यहाँ योजना की एक लाभार्थी बिंदु ने प्रधानमंत्री मोदी से बताया कि उन्होंने रोजाना 50 झाड़ू बनाने के साथ अपने काम की शुरुआत की थी। वे अब रोजाना 500 झाड़ू बनाने वाली यूनिट का नेतृत्व कर रही हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने नॉन-कॉर्पोरेट, नॉन-एग्रीकल्चरल, माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज को इंस्टीट्यूशनल लोन देकर इन्हें खुले दिन से सपोर्ट किया है, जो भारत की इकोनॉमी की रीढ़ हैं। स्टिचिंग यूनिट्स और चाय की दुकानों से लेकर सैलून, मैकेनिक की दुकानों और मोबाइल रिपेयरिंग बिजनेस तक, करोड़ों माइक्रो-एंटरप्रेन्योर्स ने पूरे आत्मविश्वास के साथ इस कॉर्पोरेट वर्ल्ड में कदम बढ़ाए हैं।

32.61 लाख करोड़ रुपये के 52 करोड़ से ज्यादा लोन सैंकशन

अप्रैल 2015 में लॉन्च के बाद से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने 32.61 लाख करोड़ रुपये के 52 करोड़ से ज्यादा लोन दिए हैं। योजना के जरिए अब बिजनेस में होने वाला ग्रोथ अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये छोटे शहरों और गांवों तक फैल रहा है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की ही देन है कि अब गांव के लोग शहरों में नौकरी करने के बजाय अपने परिवार के साथ रहकर ही बिजनेस शुरू कर रहे हैं और बाकी लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।

2025 तक 30 लाख करोड़ के पार पहुंच सकता है लोन का आकड़ा 

एसबीआई की एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें, एमएसएमई लोन वित्त वर्ष 2014 में ₹8.51 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में ₹27.25 लाख करोड़ हो गया। इतना ही नहीं, वित्त वर्ष 2025 में इसके ₹30 लाख करोड़ को पार करने का अनुमान है। बैंकों के कुल लोन में एमएसएमई लोन की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2014 में 15.8 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में लगभग 20 प्रतिशत हो गई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका को दिखाता है।

आईये जानते है कितने तरह के मिलते है लोन

इस योजना के तहत 4 तरह के लोन दिए जाते हैं:

  1. शिशु कैटेगरी के तहत 50 हजार रुपये तक
  2. किशोर कैटेगरी में 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है
  3. तरुण कैटेगरी में 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये का लोन दिया जाता है
  4. तरुण प्लस कैटेगरी में 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। तरुण प्लस के तहत सिर्फ उन उद्यमियों को ही लोन दिया जाता है, जिन्होंने तरुण कैटेगरी के तहत पिछले लोन का लाभ उठाया है और पूरा लोन चुकाया है।

मुद्रा लोन के लिए कैसे करें अप्लाई

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अप्लाई कर सकते हैं। ऑफलाइन अप्लाई करने के लिए आपको अपने बैंक की शाखा में जाना होगा और ऐप्लिकेशन फॉर्म में सभी जरूर डिटेल्स भरनी होगी। फॉर्म के साथ आपको सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अटैच करने होंगे। जिसके बाद बैंक के अधिकारी आपके ऐप्लिकेशन और डॉक्यूमेंट्स की जांच करेंगे। जांच पूरी होने के बाद लोन अप्रूव किया जाएगा और फिर कुछ समय में आपके बैंक खाते में लोन की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए आपको बैंक की वेबसाइट पर जाना होगा और मुद्रा योजना का फॉर्म डाउनलोड करना होगा। फॉर्म में सभी डिटेल्स भरने के बाद आपको फॉर्म अपलोड करना होगा और सभी डॉक्यूमेंट्स को भी अटैच करना होगा। ऐप्लिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद आपको एक रेफरेंस आईडी मिलेगा। जिसके बाद बैंक के अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे और बाकी का प्रोसेस भी पूरा किया जाएगा। प्रोसेस पूरा होने और सभी डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करने के बाद आपके बैंक खाते में लोन की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

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