भिवंडी. मुंबई से सटे भिवंडी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने महज पैसों की लालच में आकर अपनी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को एक 35 वर्षीय व्यक्ति को ₹1.20 लाख में बेच दिया।
‘मिड-डे’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 6 मई को भिवंडी के नजदीक स्थित पिलांजे खुर्द नामक एक दूरस्थ आदिवासी गांव में घटी। यह गांव कटकारी जनजाति से जुड़ा है, जो देश के सबसे कमजोर और हाशिये पर मौजूद समुदायों में से एक मानी जाती है। बताया जा रहा है कि लड़की को एक कार में बैठाकर गांव से बाहर ले जाया जा रहा था। तभी कुछ ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को शक हुआ और उन्होंने कार को रोका। जांच करने पर कार के भीतर एक डरी-सहमी नाबालिग लड़की भारी साड़ी और कांच की चूड़ियों में लिपटी हुई मिली।
पूछताछ के दौरान पता चला कि यह कोई सामान्य विवाह नहीं था, बल्कि एक खरीद-फरोख्त का सौदा था, जिसमें एक मासूम बच्ची को पैसे के बदले बेचा गया था। सूचना मिलते ही गणेशपुरी पुलिस स्टेशन को सूचित किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वर मंगेश लक्ष्मण गाडेकर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस सौदे के कथित बिचौलिया संजय लक्ष्मण जाधव (40) और लड़की के माता-पिता फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यह घटना एक बार फिर देश में बाल विवाह, मानव तस्करी और आदिवासी समुदायों के शोषण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसे कमजोर समुदायों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।