नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। थाना हरदत्तनगर गिरन्ट के जब्दी गांव में एक व्यक्ति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी सैफुद्दीन ने अपनी पत्नी मुकीन उर्फ सबीना की बेरहमी से हत्या कर दी, फिर शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। कुछ हिस्सों को नहर में फेंक दिया ताकि मछलियां खा जाएं, और बाकी को जलाने की कोशिश की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, सैफुद्दीन अपनी पत्नी को लखनऊ ले जाने के बहाने घर से निकला था, लेकिन रास्ते में ही उसकी हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए शव के कई टुकड़े कर डाले। जब सबीना के भाई सलाहुद्दीन ने संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका फोन बंद मिला। आरोपी ने झूठ बोला कि वह लखनऊ गई है, लेकिन उसी दिन शाम को वह गांव में घूमता देखा गया। इस पर परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
जांच के दौरान पुलिस ने सैफुद्दीन को हिरासत में लिया। पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने एक बाग में हत्या कर शव के टुकड़े किए थे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां से सबीना का जला हुआ हाथ बरामद हुआ। इस खौफनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि सैफुद्दीन ने हत्या के बाद शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश भी की थी।
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि सैफुद्दीन अक्सर सबीना को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। परिजन आशंका जता रहे हैं कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर आरोपी ने यह जघन्य अपराध किया। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज के सामने भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—कब तक महिलाएं घरेलू हिंसा और दहेज के कारण इस तरह की दरिंदगी का शिकार होती रहेंगी?