पति तीन साल से लापता, पत्नी अकेले नहीं चुका पाई होम लोन, फाइनेंस कंपनी ने घर से निकाला भटक रही महिला और उसके बच्चे

By: PalPal India News
July 31, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधिराजस्थान के झुंझुनूं में एक महिला बारिश में बच्चों के साथ सड़क पर रहने के लिए मजबूर है। वहीँ महिला का पति तीन साल से लापता है। दरअसल पति ने लोन लेकर घर बनवाया था। मामला झुंझुनूं जिले के पिलानी क्षेत्र का है। यहां खेड़ला गांव में निजी फाइनेंस कंपनी ने लोन की अदायगी न कर पाने पर एक बेसहारा महिला को उसके मासूम बच्चों सहित घर से बेदखल कर दिया। अब यह परिवार बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर है।

बताया जा रहा है की अकेली महिला लोन नहीं चुका पाई तो फाइनेंस कंपनी ने उसे घर से निकाल दिया है। ऐसे में महिला और उसके बच्चे बरसात में परेशान हो रहे हैं। ‘आवास फाइनेंस कंपनी’ ने SARFAESI एक्ट 2002 के तहत महिला के घर पर कब्जा कर लिया है। मकान को सील कर ताला लगा दिया गया है। यह मकान महिला के पति ईश्वर नायक के नाम पर था, जिन्होंने कुछ साल पहले उक्त कंपनी से लोन लिया था। तीन वर्ष पूर्व ईश्वर नायक रहस्यमय तरीके से लापता हो गए, और अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।

लोन नहीं चुकाने पर सील हुआ घर

पति के गुम होने के बाद महिला ने अकेले ही अपने दो छोटे बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी उठाई। वह एक निजी स्कूल में सफाईकर्मी के रूप में काम करती हैं और बेहद मामूली वेतन में किसी तरह घर का खर्च चला रही थीं। आर्थिक तंगी के चलते वह समय पर लोन की किश्तें नहीं चुका सकी, जिस पर फाइनेंस कंपनी ने सख्त कार्रवाई करते हुए मकान पर कब्जा कर लिया।

बरसात में खुले आसमान में सोने पर मजबूर परिवार

अब महिला और उसके बच्चे बिना छत के सड़क किनारे दिन-रात गुजार रहे हैं। बारिश के कारण हालात और भी बदतर हो गए हैं। गांव के कुछ स्थानीय लोग मदद कर भोजन और कपड़े मुहैया करा रहे हैं, लेकिन रात को उन्हें बरसात में खुले में ही सोना पड़ रहा है।

प्रशासन से मदद की मांग

ग्राम पंचायत के सरपंच रामसिंह ने बताया कि महिला की स्थिति अत्यंत दयनीय है और प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर महिला और बच्चों को आश्रय व राहत प्रदान करनी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस परिवार को तत्काल पुनर्वास सुविधा दी जाए और मानवता के नाते न्याय दिलाया जाए। यह मामला सिर्फ कर्ज का नहीं, बल्कि एक बेसहारा मां की अस्मिता और दो बच्चों के जीवन की लड़ाई है।

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