पलपल इंडिया प्रतिनिधि। जबलपुर के लक्ष्मीबाई साहू फार्मेसी कॉलेज में बी-फार्मा के एक छात्र की परीक्षा के दौरान आंसरशीट फाड़े जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर गुरुवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज का घेराव किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्राचार्य ने दो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया। बी-फार्मा चौथे सेमेस्टर के छात्र नितिन सिंह राजपूत का कहना है कि 1 जुलाई को उसका पेपर था। वह समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचा और निर्धारित समय से पहले उत्तर पुस्तिका (आंसरशीट) जमा करके बाहर निकल गया। परीक्षा कक्ष में मौजूद शिक्षिका प्राची ने उसे बाहर जाने से मना किया और कक्ष में ही बैठने को कहा।
नितिन का कहना है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद उसने शिक्षिका से मोबाइल पर बात करने की अनुमति मांगी, जो उसे दे दी गई। फोन पर बात करते समय प्राची और एक अन्य शिक्षक तरुण उपाध्याय उसके पास पहुंचे और मोबाइल छीनने लगे। जब नितिन ने इसका विरोध किया और बताया कि वह अपना पेपर पूरा कर चुका है, तब शिक्षिका प्राची ने गुस्से में उसकी आंसरशीट फाड़ दी और बाद में कॉलेज से सस्पेंड भी करवा दिया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें शिक्षक तरुण उपाध्याय छात्र से कह रहे हैं, “जो करना है कर लो, जहां शिकायत करनी है करो।” वीडियो करीब 1 मिनट 37 सेकंड का है, जिसमें छात्र कहता है कि आपने मेरी आंसरशीट फाड़ दी, ये गलत किया।
शिक्षक जवाब देते हैं कि “एटीट्यूड मत दिखाओ।” जब छात्र कहता है कि वह NSUI से शिकायत करेगा, तो शिक्षक उसे कक्षा से बाहर जाने को कह देते हैं।
छात्र ने फटी हुई आंसरशीट उठाकर NSUI से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत की। गुरुवार को NSUI के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कॉलेज पहुंचे और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्र की कोई गलती नहीं थी, फिर भी उसे निलंबित किया गया, जो अन्याय है। NSUI के प्रदेश महासचिव ने कॉलेज प्राचार्य से मुलाकात कर शिक्षिका प्राची और शिक्षक शरद जैन को हटाने की मांग की।
हंगामे की सूचना मिलने पर नुनसर पुलिस चौकी का स्टाफ भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने छात्रों को समझाइश देकर शांत कराया और कॉलेज परिसर से बाहर किया। पुलिस के अनुसार छात्रों की ओर से कॉलेज प्रबंधन को लिखित शिकायत सौंपी गई है, जिस पर आगे कार्रवाई की जाएगी