नई दिल्ली। भारत के महान टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल ने संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने बुधवार को ऐलान किया कि इस महीने के अंत में चेन्नई में होने वाला डब्ल्यूटीटी कंटेंडर टूर्नामेंट उनके पेशेवर करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा। यह विश्व टेबल टेनिस (WTT) टूर्नामेंट 25 से 30 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। 42 वर्षीय शरत कमल ने कहा, “मैंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट चेन्नई में खेला था, और अब अपने करियर का आखिरी भी यहीं खेलूंगा।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हालांकि वे ओलंपिक पदक नहीं जीत सके, लेकिन वे युवा खिलाड़ियों के जरिये अपने इस अधूरे सपने को पूरा होते देखना चाहते हैं।
शरत कमल का राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 16 साल बाद पुरुष एकल में स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले उन्होंने 2006 में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। बर्मिंघम में उन्होंने तीन स्वर्ण पदक जीते, जबकि उनकी कुल स्वर्ण पदकों की संख्या सात है।
उनके राष्ट्रमंडल खेलों के प्रमुख उपलब्धियां:
✔ 2006: पुरुष एकल और पुरुष टीम में स्वर्ण
✔ 2010: पुरुष युगल में स्वर्ण, साथ ही दो कांस्य पदक
✔ 2018: पुरुष टीम में स्वर्ण, एक रजत पदक
✔ 2022: पुरुष एकल, पुरुष टीम और मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण, एक रजत पदक
शरत ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 13 पदक जीते हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सबसे सफल एथलीटों में शरत कमल तीसरे स्थान पर हैं। उनसे अधिक पदक केवल जसपाल राणा (15 पदक, 9 स्वर्ण) और समरेश जंग (14 पदक, 7 स्वर्ण) ने जीते हैं।
एशियन गेम्स और अन्य उपलब्धियां
🔹 2018 जकार्ता एशियन गेम्स:
✔ पुरुष टीम और मिक्स्ड डबल्स में कांस्य
🔹 एशियन चैंपियनशिप्स:
✔ 2021 दोहा एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक
शरत कमल ने भारत को टेबल टेनिस में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी।