अहमदाबाद/पुरी/उदयपुर। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा शुक्रवार 27 जून 2025 को देशभर में धूमधाम से शुरू हो गई। यह पावन पर्व भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को समर्पित है। परंपरा के अनुसार, भगवान तीनों भाई-बहन आज अपनी मौसी के घर के लिए भव्य रथों पर सवार होकर प्रस्थान कर रहे हैं। रथयात्रा का आयोजन पुरी, अहमदाबाद, उदयपुर सहित देश के कई शहरों में बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया।
अहमदाबाद के जमालपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ रथयात्रा की शुरुआत हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनका परिवार आरती में शामिल हुए। भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया गया। इसके बाद सुबह 7 बजे रथयात्रा रवाना हुई। इससे पहले 5 से 6 बजे के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को रथों पर विराजित किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘पाहिंड विधि’ के तहत रथ के आगे सोने की झाड़ू लगाकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। यह यात्रा रात करीब 8:30 बजे तक मंदिर लौटकर संपन्न होगी।
पुरी (ओडिशा) में जगन्नाथ रथयात्रा को दुनिया की सबसे भव्य और विशाल रथ यात्रा माना जाता है। सुबह 6 बजे मंगला आरती और श्रृंगार के बाद खिचड़ी भोग लगाया गया। दैनिक पूजा-विधियों के पश्चात सुबह 9:30 बजे से भगवान को रथों पर विराजमान करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। दोपहर 1 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजेंगे। परंपरा अनुसार, दोपहर 3 बजे गजपति महाराज दिव्य सिंह देव सोने की झाड़ू से रथ का मार्ग बुहारेंगे और यात्रा का शुभारंभ करेंगे। तीनों रथ करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर (भगवान की मौसी का घर) तक जाएंगे।