नई दिल्ली. बॉक्सिंग के दिग्गज और दो बार के हेवीवेट चैंपियन जॉर्ज फोरमैन का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिवार ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। ‘बिग जॉर्ज’ के नाम से मशहूर फोरमैन ने 1960 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी और ओलंपिक स्वर्ण पदक सहित कई प्रतिष्ठित खिताब जीते थे।
फोरमैन ने 1973 में अपना पहला वर्ल्ड हेवीवेट खिताब जीता, लेकिन 1974 में ‘रंबल इन द जंगल’ मुकाबले में मुहम्मद अली के खिलाफ यह खिताब गंवा दिया। अपने शानदार करियर में उन्होंने 68 नॉकआउट्स दर्ज किए, जो अली से लगभग दोगुना थे। पूरे करियर में उन्हें सिर्फ पांच मुकाबलों में हार मिली। 1994 में, 45 वर्ष की उम्र में उन्होंने दोबारा हेवीवेट चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। 1997 में उन्होंने बॉक्सिंग से संन्यास लिया।
फोरमैन के परिवार ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर लिखा, “हमारे दिल टूट गए हैं।” उन्होंने बताया कि फोरमैन एक श्रद्धालु प्रचारक, समर्पित पति, प्यार करने वाले पिता, गर्वित दादा और परदादा थे। उनका जीवन विश्वास, विनम्रता और उद्देश्य से भरा हुआ था। परिवार ने आगे कहा, “वे न केवल एक महान बॉक्सर थे, बल्कि एक अनुशासनप्रिय, दृढ़ निश्चयी और अपनी विरासत की रक्षा करने वाले व्यक्ति भी थे। उन्होंने हमेशा अपने अच्छे नाम को बनाए रखने के लिए संघर्ष किया।”
खेल जगत में प्रसिद्ध होने के अलावा, फोरमैन अपने ‘जॉर्ज फोरमैन ग्रिल’ के लिए भी मशहूर रहे, जिसे उन्होंने 1994 में लॉन्च किया था और जिसकी करोड़ों यूनिट्स बिकीं। फोरमैन के 12 बच्चे थे, जिनमें से पांच बेटों का नाम ‘जॉर्ज’ था। उन्होंने अपनी वेबसाइट पर बताया था कि उन्होंने सभी बेटों का नाम अपने नाम पर इसलिए रखा ताकि वे हमेशा एकजुट रहें। उनका मानना था, “अगर हममें से कोई ऊपर जाता है, तो हम सभी ऊपर जाते हैं! और अगर कोई नीचे गिरता है, तो हम सभी नीचे गिरते हैं!”