नेत्रहीनों के लिए नोट पहचानने में सहायक बना ‘मणि’ ऐप

By: PalPal India News
June 1, 2025

दृष्टिबाधित लोगों के लिए रोजमर्रा के लेन-देन में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है – करेंसी नोट की पहचान। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक खास मोबाइल एप्लिकेशन मणि (MANI – Mobile Aided Note Identifier) लॉन्च किया है, जो नेत्रहीनों के लिए एक तकनीकी वरदान साबित हो रहा है।

कैसे करता है काम?
मणि ऐप स्मार्टफोन के कैमरे की मदद से भारतीय मुद्रा नोट की पहचान करता है। जैसे ही यूज़र नोट को कैमरे के सामने लाता है, ऐप उसे स्कैन करता है और तत्काल नोट के मूल्य की जानकारी देता है। यह सूचना तीन तरीकों से दी जाती है – ध्वनि (स्पीकर), स्क्रीन टेक्स्ट और वाइब्रेशन, जिससे यूज़र की सुविधा और आवश्यकता के अनुसार उसे जानकारी मिल सके।

कैसे करें इस्तेमाल?
इस ऐप का उपयोग बेहद सरल है। यूज़र को अपने स्मार्टफोन में ऐप डाउनलोड कर इंस्टॉल करना होता है। ऐप खोलने के बाद नोट स्कैन करने का विकल्प मिलता है। नोट कैमरे के सामने रखते ही ऐप उसे पहचान कर उसका मूल्य बता देता है।

अगर यूज़र सुन नहीं सकता, तो ऐप स्क्रीन पर टेक्स्ट और कंपन के माध्यम से भी नोट की जानकारी देता है, जिससे हर प्रकार के नेत्रहीन व्यक्ति इसका उपयोग कर सके।

कौन-कौन से नोट करता है पहचान?
मणि ऐप ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200, ₹500 और ₹2000 के पुराने और नए दोनों प्रकार के नोटों को पहचान सकता है। इससे यूज़र्स को किसी भी नोट को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं होती।

क्यों है यह ऐप खास?
मणि ऐप सिर्फ एक तकनीकी समाधान नहीं है, यह नेत्रहीनों के लिए आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सुरक्षा का प्रतीक भी बन गया है। इस पहल के माध्यम से आरबीआई ने यह साबित किया है कि तकनीक का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उसे सशक्त बनाने के लिए किया जा सकता है।

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