जकार्ता। इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर स्थित माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी शुक्रवार को एक ही दिन में तीन बार विस्फोट हुआ, जिससे करीब 8,200 मीटर (26,200 फीट) ऊंचा राख का घना गुबार आसमान में फैल गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने खतरे के क्षेत्र को और बढ़ा दिया है। हालांकि, अब तक निकासी (evacuation) से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी, जो पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित है, पिछले एक हफ्ते से लगातार बढ़ती ज्वालामुखीय गतिविधियों और सैकड़ों भूकंपों का केंद्र बना हुआ था। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने खतरे का स्तर उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया है और रिस्ट्रिक्टेड जोन 7 किलोमीटर से बढ़ाकर 8 किलोमीटर (5 मील) कर दिया गया है।
इस ज्वालामुखी विस्फोट की वजह से इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख पर्यटन स्थल बाली के बीच कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी देरी हो रही है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी ने स्थानीय निवासियों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी है। भारी बारिश के कारण ज्वालामुखी से निकलने वाला लावा नदी के माध्यम से बह सकता है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इंडोनेशिया में सैकड़ों सक्रिय ज्वालामुखी हैं, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। इस क्षेत्र में भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोट आम बात है, लेकिन हालिया घटनाओं ने प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने पर मजबूर कर दिया है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि वे ज्वालामुखी के पास न जाएं और सरकार द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।